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पलेवा को नहर में पानी का इंतजार कर रहे किसान

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मछलीशहर के बटनहित गांव में सूखी नहर। संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। नहर में पानी नहीं छोड़ने से किसानों के सामने गेहूं की बुवाई पर संकट पैदा हो गया है। पानी के बिना पलेवा पलेवा ही नहीं हो पा रहा है, जिससे बुवाई रुकी हुई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 15 दिसंबर के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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जिले में 343 नहरें हैं। सिंचाई के लिए तकरीबन 1.66 लाख हेक्टेयर भूमि नहर पर निर्भर है। बावजूद इसके अभी तक किसी भी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। नहरों में 15 दिसंबर के बाद पानी छोड़े जाने के आसार हैं। ऐसे में खेतों में बोआई से पहले पलेवा के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसान समय से बोआई नहीं कर सकेंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहरों की सफाई का सीजन शुरू है इस कारण अभी पानी बंद किया गया है।
मछलीशहर क्षेत्र के टटिहरा, घिसुआखुर्द, घघरिया, किसुनदासपुर आदि माइनरों में पानी नहीं आ रहा है। नहर के किनारे बसे बटनहित, खजुरहट, परसुपुर, कुंवरपुर, किशुनदासपुर, चौकीखुर्द मतरी, मथुरा आदि गांवों के किसान पलेवा नहीं कर पाने के कारण गेहूं नहीं बो पा रहे हैं। विकास यादव, अजय सिंह, बबलू, विनय पांडेय, प्रेम बिहारी यादव, वीरेंद्र भाष्कर यादव, नरेंद्र बहादुर आदि विभागीय अधिकारियों से नहर में पानी छोड़ने की मांग की।
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मड़ियाहूं क्षेत्र में शारदा सहायक नहर में 15 दिनों से पानी नहीं आ रहा है नहर के किनारे बसे गांव के किसानों को गेंहू की बोआई के लिए खेतों में पलेवा नहीं कर पा रहा है। रामबली यादव, जगन्नाथ गौतम उमेश गौतम आदि किसानों ने संबंधित अधिकारियों से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। बरईपार में शारदा सहायक नहर की दारुनपुर, विकयपुर, सोनहित आदि गांव से गुजरने वाली नहरें में पानी न पहुंचने से सूखी पड़ी है। जिससे सिंचाई कार्य बाधित है। जीरकपुर गांव निवासी विनय सिंह, इतहा गांव निवासी अजय कुमार, विनय कुमार शुक्ला, जयप्रकाश पाठक आदि ने बताया कि नहर में पानी नहीं आने से गेहूं की बोआई पिछड़ सकती है।
कई वर्षों से सूखी पड़ी है नहर
बदलापुर: क्षेत्र के शारदा सहायक खण्ड 36 भीमपुर राजवाहा में वर्षों से पानी नहीं आ रहा है। जिससे किसान को सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बिठुआकला निवासी विनोद कुमार, भलुआही निवासी जगदीश बिंद, राजदेव सिंह, हकारपुर निवासी पवन उपाध्याय, सरोखनपुर निवासी मुन्नू मौर्या आदि ने बताया कि वर्षों से नहर की केवल सफाई होती है। पानी तो बिल्कुल नहीं आता है नहर प्राय: सूखी रहती है। इस समय गेहूं के खेत की सिंचाई को लेकर किसान परेशान हैं। वहीं सिंगरामऊ क्षेत्र से गुजरने वाली रामगंज रजवाहा की नहर में पानी नहीं होने के कारण किसान पलेवा के लिए परेशान है।
नहरों की सफाई का सीजन चल रहा हैं। जिले के 1600 किलोमीटर नहरों की सफाई होनी है जिसके कारण पानी बंद करा दिया गया। 15 दिसंबर के बाद पानी नहरों में छोड़े जाएंगे। किसानों को समस्या न हो इसके लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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- विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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