किसानों की समस्याओं व विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान किसानों की समस्याओं का निस्तारण व मांगों को पूरा नहीं होने पर रोष
प्रकट किया। शारदा सहायक खंड 39नहर में पानी छोडने, मछलीशहर तहसील क्षेत्र में सूखा व दैवी आपदा धनराशि का वितरण कराने, 60 वर्ष की आयु पूरा कर चुके किसानों को पांच हजार रुपए जीवन निर्वहन भत्ता व पेंश देने,
विद्युत जर्जर तारों व खंभों को बदलने, जगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा करने आदि मांगों को पूरा करने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित नौ ेसूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौपा। वक्ताओं ने कहा कि किसान लोगों
को अनाज उपलब्ध कराता है। चाहे ठंड हो या फिर गर्मी व बरसात। इसकी परवाह किए बिना किसान हाड़ तोड़ परिश्रम कर अनाज पैदा करने का कार्य करता है, लेकिन उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पाता है। हालत यह
है कि इस समय शारदा सहायक खंड 39 नहर में पानी नहीं आने से गेहूं के फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। वहीं बिजली के जर्जर तारों के टूटने व आए फाल्ट के कारण भी फसलों की सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
मछलीशहर तहसील में किसानों को सूखा राहत व दैविय आपदा की धनराशि अभी तक नहीं वितरित की गई है। 60 वर्ष की उम्र पूरा कर लेने वाले किसानों को जीवन निर्वहन व पेंशन आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। किसान दिवस
में दिए गए समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है। धरने में जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव, रामसनेही पटेल, राजेंद्र प्रसाद, महादेव, बाबू राम, रामराज मौर्य, रामसूरत गौतम, दिनेश शुक्ला, लालता प्रसाद प्रजापति व संतराज विंद आदि उपस्थि रहे।