थानागद्दी। नहर में पानी की सप्लाई न होने से गुस्साए कई गांवों के किसानों ने रविवार को थानागद्दी बाजार में वाराणसी थानागद्दी मार्ग को जाम कर दिया। गुस्साए किसानों ने भाजपा सांसद और विधायक का पुतला फूंका। सिंचाई विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर चार घंटे बाद जाम समाप्त करवाया।
शारदा सहायक खण्ड 36 के केराकत राजवाहे में अरसे से जलापूर्ति नहीं होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नहर में पानी न आने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। नहर में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ही बीते 31 अगस्त को किसानों सिंचाई विभाग के अवर और प्रवर अभियंता को बंधक बनाया था। विधायक प्रतिनिधि और डीएम के एक सप्ताह के भीतर नहर में पानी सप्लाई के आश्वासन पर जेई और एई को किसानों ने मुक्त किया था। तय सीमा तक जब नहर में पानी नही आया तो सोहनी,आनापुर, महाक पुरा, नाऊपुर, खर्गसेनपुर टंडवा, बराई, निहालापुर सहित एक दर्जन गावों के सैकड़ो किसानों ने थानागद्दी-वाराणसी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। किसानों ने जनप्रतिनिधियों और शासन प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। मुख्य सड़क जाम होने की सूचना पर सीओ रामभुवन और कोतवाल बिन्द कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुच गए। पुलिस ने जाम हटाने के लिए किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग किसी उच्चाधिकारी के आश्वासन के बिना हटने के लिए तैयार नहीं थे। आवागमन अवरुद्ध हने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं। सीओ रामभुवन ने नहर विभाग के अधिशासी अभियंता से किसानों की मोबाइल पर बात कराई। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने भरोसा दिया कि तीन दिन में उस इलाके की नहर में पानी पहुंच जाएगा।इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीण जाम खोलने का तैयार हुए। आंदोलनकारी किसानों ने विधायक दिनेश चौधरी और सांसद बीपी सरोज का पुतला फूंका। आंदोलनकारी नीरज उपाध्याय, शिवमंगल, अतुल व मनीष आदि ने चेतावनी दी है कि तीन दिन में नहर में पानी नहीं आया तो वे फिर सड़क को जाम करेंगे। जाम लगाने वालों में ग्राम प्रधान श्याम विश्वकर्मा, प्रधान लालता यादव, प्रधान प्रमोद शुक्ल, मनीष, शिवमंगल, अतुल, विराट सिंह,संजीव, शैलेन्द्र, विनय और बृजेश समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।