थाना क्षेत्र के पोरईकला गांव में मंगलवार की शाम किसान ने फंदे से लटककर जान दे दी। उसका शव घर से दो किमी दूर आजमगढ़ की सीमा पर स्थित सिवान में पेड़ से साड़ी के फंदे पर लटकता मिला। वह काफी दिनों से मानसिक तनाव में था। परिजनों की सहमति पर पंचनामा के बाद पुलिस ने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए शव सुपुर्द कर दिया। चर्चा है कि प्रेमचंद्र ने काफी कर्ज भी ले रखा था और इसके कारण ही वह तनावग्रस्त रहता था।
पोरईकला गांव निवासी प्रेमचंद्र राजभर (45) लघु सीमांत किसान थे। खेती ही उनकी आजीविका का सहारा था। परिवार में पत्नी, मां और पांच बच्चे हैं। मंगलवार को दोपहर में वह अचानक घर से चले गए। काफी देर तक उनका पता न चलने पर परिजन खोजबीन कर रहे थे। इस बीच देर शाम आजमगढ़ की सीमा पर स्थित सिवान में बबूल के पेड़ पर साड़ी के बने फंदे पर प्रेमचंद्र का शव लटकता पाया गया। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे। शव देखते हुए चीख-पुकार मच गई। खेतासराय और आजमगढ़ के दीदारगंज थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया। खेतासराय एसओ राजेश यादव ने बताया कि प्रेमचंद्र काफी दिनों से अवसाद में थे। इसी अवसाद में उन्होंने फांसी लगा ली। परिजनों ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम न कराने की बात कही है। उधर, प्रेमचंद्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रेखा, मां पतराजी देवी, बेटी अंजली (17), संजू (15), काजल (12), पुत्र सर्वेश (9), प्रवेश (7) शव से लिपट कर बिलख रहे थे।