रामनगर विकास खंड रामनगर के चोरारी गांव में कथा सुनाते प्रपन्नाचार्य महाराज। स्रोत-संवाद
- फोटो : अक्षय तृतीया के लिए वाहन की बुकिंग कराने पहुंचे ग्राहक। संवाद
नेवढ़िया। क्षेत्र के चोरारी गांव स्थित महावीर मंदिर के प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा महोत्सव के तीसरे दिन राम वनगमन का दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और राम नाम संकीर्तन के साथ हुआ। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी उमड़ पड़ी। जय श्रीराम के जयघोष से पूजा पंडाल गूंज उठा। प्रयागराज से आए कथावाचक प्रपन्नाचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन, निषादराज से भेंट, गंगा-यमुना तट की लीला और भक्ति, मर्यादा एवं त्याग के महत्व को भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ की आज्ञा का सम्मान करते हुए श्रीराम, सीता और लक्ष्मण वन को प्रस्थान करते हैं। यह प्रसंग सुनाते समय कथावाचक ने राजा दशरथ व श्रीराम के वियोग का मार्मिक चित्रण किया कि पंडाल में उपस्थित कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रीराम का सामान्य जनों के साथ स्नेह पूर्वक व्यवहार बताता है कि भगवान के लिए कोई बड़ा या छोटा नहीं होता। प्रवचन में यह भी बताया गया कि श्रीराम की सबसे बड़ी शक्ति उनके चरित्र की मर्यादा है। हुए कथावाचक ने मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से सीख लेते हुए श्रोताओं को त्याग, संयम, धैर्य और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। रामायण के प्रसंगों पर आधारित भजनों पर लोग झूमते रहे। इस अवसर पर प्रधान इंदु देवी, डब्बू दुबे, जटाशंकर, नागेंद्र दुबे, नवीन उपस्थित रहे।