आबकारी विभाग की तरफ से ई-लॉटरी से चालान के जरिये जिले को 47.31 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। अकेले जौनपुर में कुल 498 दुकानों की नीलामी हुई है। इसमें सबसे अधिक मुनाफा कंपोजिट दुकानों से मिला है। अकेले एक जिले से इतना राजस्व प्राप्त होने से विभाग काफी उत्साहित है।
जिले में प्रथम चरण की ई-लॉटरी के दौरान 498 दुकानों के लिए आवंटन प्रक्रिया छह मार्च को पूर्ण की गई। इसमें देसी की पांच दुकानें व भांग की दो दुकानें खाली रह गईं। जिले में प्रथम चरण की ई-लॉटरी में 275 देसी मदिरा की दुकानों, 160 कंपोजिट शॉप, एक मॉडल शॉप व 55 भांग की दुकानों का एलॉटमेंट हुआ। प्रथम चरण में जनपद जौनपुर की कुछ ही दुकानें खाली रह गई। इसके लिए पुन: ई-लॉटरी की प्रक्रिया आरंभ की गई है। जल्द शेष दुकानों का एलाॅटमेंट किया जाएगा। इसके तहत जिले में 275 देसी शराब की दुकानों पर 17.92 करोड़ रुपये, 160 कंपोजिट दुकानों से 28.90 करोड़ रुपये, भांग की 55 दुकानों पर 61.75 लाख रुपये, एक मॉडल शाप पर आठ लाख रुपये की प्राप्ति हुई है। इस बार कंपोजिट दुकानों में बीयर व अंग्रेजी दोनों को साथ रखकर नीलामी की गई। इससे विभाग की आय में इजाफा हुआ है। देसी शराब की दुकानों का चालान नगर पालिका में 60 हजार, नगर पंचायत में 50 हजार, ग्रामीण क्षेत्रों में 40 हजार रुपये लगा। इसी तरह कंपोजिट की दुकानों के लिए नगर पालिका में 75 हजार रुपये, नगर पंचायत में 65 हजार रुपये, ग्रामीण क्षेत्रों में 55 हजार रुपये का चालान किया गया। भांग की दुकान पर 25 हजार व मॉडल शाप का एक लाख रुपये का चालान है।
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दुकान-संख्या-आवेदन-राजस्व
भांग की दुकान-55-247-61.75 लाख
मॉडल शॉप-01-08-8 लाख
कंपोजिट-160-5062-28.90 करोड़
देसी शराब की दुकान -275-3785-17.92 करोड़
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वर्जन ...
लाॅटरी के चालान से कुल 47.31 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसमें सर्वाधिक कंपोजिट से तो सबसे कम मॉडल शाप से मिलेगा। नए सत्र से सभी दुकानें नए लाइसेंसी से चलाई जाएंगी।
- विष्णुशंकर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।