मीरगंज। प्राथमिक विद्यालय किशुनदासपुर के भवन को जमींदोज होने के दो दिन बीतने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसलिए अधिकारी भी अब घटना को नजरअंदाज कर रहे हैं।
मछलीशहर ब्लॉक के किशुनदासपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन बुधवार शाम चार बजे अचानक भरभरा कर गिर गया। बच्चों की छुट्टी दो घंटे पहले ही हो गई थी। इसके कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, बृहस्पतिवार से स्कूल को गोधना गांव के प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट करा दिया गया। जर्जर भवन की खबर 20 अगस्त के अंक मे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तब बीईओ मछलीशहर अमरदीप जायसवाल ने स्कूल भ्रमण करने की बात कही थी। बुधवार स्कूल ढहने के बाद ग्रामीण इस आशा में थे कि कोई न कोई अधिकारी पहुंचेगा। दिनभर स्कूल की गेट को खोलकर इंतजार किया जाता रहा कि कोई अधिकारी जरूर पहुंचेगा लेकिन घटना के दो दिन बाद भी शिक्षा विभाग व प्रसासनिक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। न ही जांच की बात कही कि 18 साल में ही भवन कैसे गिर गया।
कोट
घटना के दो दिन बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उम्मीद थी कि कोई अधिकारी मौके पर आकर नया भवन निर्माण कराने की बात कहेगा। जिससे बच्चों को जल्दी नया भवन मिल सकेगा। गांव के लोग इसकी उम्मीद कर रहे थे।
शिव कुमार गुप्ता, किशुनदासपुर,प्रधान