जौनपुर। मछलीशहर तहसील में न्यायिक कार्यों में लापरवाही के मामले में तत्कालीन उपजिलाधिकारी (न्यायिक) ज्योत्सना के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी हो गए हैं। डीएम सैमुअल पॉल एन निरीक्षण में 80 वादों की पत्रावलियों में बहस पूरी होने के बाद आदेश लंबित पाए थे। मामले में शासन ने आजमगढ़ मंडलायुक्त को जांच अधिकारी नामित किया है। डीएम ने बीते सात अक्तूबर 2026 को मछलीशहर तहसील के विभिन्न पटलों और न्यायिक पटल का निरीक्षण किया था।
इस दौरान सामने आया कि बीते नौ मई 2026 से संबंधित पद पर तैनाती के बाद 80 वादों में बहस पूरी होने के बावजूद आदेश पारित नहीं किए गए थे। डीएम ने एसडीएम न्यायिक से मामले की जानकारी हासिल की। इस पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। डीएम ने न्यायिक कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण के बाद उसी रात एसडीएम न्यायिक ज्योत्सना को एडीएम कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। उनके स्थान पर नवीन कुमार को तैनात किया था। इसके बाद विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। अब शासन ने मामले की जांच आजमगढ़ मंडलायुक्त को सौंपी है।
डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति भी की थी। शासन ने भी इसे न्यायिक कार्यों में गंभीर लापरवाही माना था। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी वादों का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। कई फरियादियों ने जिलाधिकारी से इस संबंध से शिकायत की थी कि एसडीएम की ओर से आदेश नहीं जारी किया जा रहा है।