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दो साल से खोज के बाद भी 8 नगर निकायों में नहीं है कूड़ा निस्तारण व्यवस्था

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नगर निकायों से निकलने वाले कूड़ों के निस्तारण की योजना जिले में दो साल से मूर्त रूप नहीं ले पाई है। सभी नौ नगर निकायों में शासन स्तर से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराने का आदेश हैं। यहां से रोजाना 120 टन कूड़ा निकलता है। लेकिन, नगर पालिका जौनपुर को छोड़कर कहीं भी प्लांट का निर्माण नहीं कराया जा सका। हालांकि कहीं जमीन नहीं मिल पा रही है तोे कहीं, प्रक्रियाओं में यह परियोजना लटकी हुई है।
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दो साल पहले शासन ने सभी नगर निकायों में कूडा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार करने का आदेश दिया था। इसके तहत सभी निकायों को करीब एक से दो बीघा सरकारी भूमि या किसानों की भूमि सहमति पर लेनी थी। अधिकारियों के मुताबिक निकायों में भूमि नहीं मिल रही है तो नजदीक के गांवों में भी भूमि ली जा सकती है, लेकिन नदी से दो किमी की दूरी हो। साथ ही वहां तक आने-जाने का रास्ता अच्छा होना चाहिए। इस संबंध में सभी नगर निकायों को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। हालांकि नगर पालिका जौनपुर के लिए कुल्हनामऊ में करीब 10.73 एकड़ भूमि पर कूड़ा निस्तारण संयत्र का निर्माण किया गया है। इस पर 12.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जहां रोजाना 97 मिट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किए जाने का दावा किया जा रहा है।
बदलापुर नगर पंचायत के सरोखनपुर में भूमि चिन्हित करके काम शुरू किया गया है। यहां 33 लाख की लागत से एमआरएम सेंटर बनाया जा रहा है। जबकि भूमि शाहगंज नगर पालिका क्षेत्र में निजामपुर में भूमि दो बीघा मिली है। जहां बाउंड्री कराई जा चुकी है। मशीनों के लिए इस्टीमेट बनाया जा रहा है। इसके अलावा सिंधाई गांव में ढाई बीघा जमीन मिली है, जो नगर पालिका को हैंडओवर की जा चुकी है। हालांकि पैमाइश न होने के कारण भूूमि अधिग्रहण नहीं हो पाई है। इसके बाद नगर पंचायत मछलीशहर में दो जगह कटाहित में दो बीघा जमीन और जमालपुर गांव में एक बीघा जमीन भूमि चिन्ह्ति की गई हैं। इसी तरह मड़ियाहूं नगर पंचायत क्षेत्र के अढ़नपुर में पांच एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। केरकात नगर पंचायत के हुरहुरी गांव में भूमि चिह्नित की गई है। नगर पंचायत मुंगराबादशाहपुर नगर पालिका क्षेत्र के उकनी में भूमि ले ली गई थी है, लेकिन यहां सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान की स्थापना नहीं हो पाई है। वहीं, नगर पंचायत जफराबाद में अभी तक भूमि नहीं प्राप्त हो सकी है। इस संबंध में सभी संबंधित ईओ का कहना है कि जिन जगहों पर भूमि प्राप्त हो गई है वहां पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए प्रस्ताव डीएम को भेज दिया गया है। जहां से प्रशासन को शासन प्रेषित कर दिया गया है। इस पर शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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कुल्हनामऊ में कूड़ा निस्तारण संयत्र दो हिस्सों में स्थापित किया गया है। एक हिस्से में सूखा कचरा (कपड़ा, पेपर, पॉलीथिन आदि) रखा जाता है तो दूसरे में गीला कचरा (फल-सब्जी के छिलके, खाने के अवशेष आदि) एकत्रित होता है। सूखे कचरे को संयंत्र में डालकर रिफ्यूज्ड डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) तैयार किया जाता है। यह ईंधन औद्योगिक इकाइयों को चलाने या स्थानीय स्तर पर बिजली बनाने में उपयोग किया जा सकता, मगर इसके लिए अलग से व्यवस्था करनी होती है। उधर, गीले कचरे को सूखाकर और सड़ाकर कंपोस्ट खाद बनाया जाएगा। इस खाद को किसानों या बड़ी कंपनियों को बिक्री की जाएगी।
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