महराजगंज। अपहरण के बाद हत्या किए जाने के आरोप के 15 दिन बाद भी साहिल सिंह का शव बरामद नहीं हो सका है। बेटे का अंतिम दर्शन नहीं कर पाने से व्यथित परिजनों ने रविवार को पुतले का दाह संस्कार कर अंतिम संस्कार की रस्में शुरू की गई। घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ जुटी रही। मां सपना उर्फ बबीता सिंह का रो-रोकर बेहाल हैं। विझवट गांव निवासी साहिल सिंह पुत्र उमेश सिंह अपनी मां सपना उर्फ बबीता सिंह के साथ वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के कर्मी घमहापुर गांव स्थित ननिहाल में रहता था। मां के अनुसार, कक्षा नौ तक पढ़ाई करने के बाद साहिल एक निजी फाइनेंस कंपनी की गाड़ी चलाता था। वह सितंबर में मां के साथ मुंबई गया था। वहां से 23 सितंबर को अकेले लौटकर ननिहाल में अपने मामा अरुण सिंह के साथ रहने लगा था। दस अक्तूबर की सुबह पड़ोसी गांव सगुनहां के कुछ युवकों ने फोन कर साहिल को मार्कंडेय महादेव मंदिर चलने के लिए कहा। उसके मना करने के बावजूद चार युवक ननिहाल पहुंचे और उसे गाड़ी से अपने साथ ले गए। इसके बाद साहिल घर नहीं लौटा। 11 अक्तूबर को मामा अरुण सिंह और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। मार्कंडेय महादेव मंदिर के पास गंगा नदी के किनारे घटनास्थल के पास उसकी चप्पल और टीशर्ट मिली। परिजनों का आरोप है कि चारों युवक भी घर से भाग गए थे। साहिल की मां मुंबई से वापस लौटीं तो फूलपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। साहिल के बड़े पिता दिनेश सिंह के अनुसार, ग्रामीणों के बयान, घटनाक्रम और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सपना सिंह की तहरीर पर 16 अक्टूबर को फूलपुर पुलिस ने सगुनहां निवासी नीरज तिवारी, भोलू सिंह, संदीप कुमार और बिरजू कुम्हार के खिलाफ अपहरण और हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।