जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एडवांसमेंट इन फंक्शनल मैटेरियल पर चर्चा हुई।
दूसरे दिन के प्रथम सत्र में थापर अभियांत्रिकी संस्थान लुधियाना पंजाब के प्रो. ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि अपशिष्ट प्लास्टिक का उपयोग करके ट्रांजिशन मेटल कार्बाइड का निर्माण किया जा रहा है। कार्बाइड का उपयोग फाइटर जेट के कोटिग में किया जा सकता है। अपशिष्ट प्लास्टिक से बने ट्रांजिशन मेटल कार्बाइड अधिक ताप पर भी पूरी दक्षता के साथ कार्य कर सकते हैं।
महाराष्ट्र विश्वविद्यालय जलगांव के प्रो. सत्येंद्र मिश्रा ने नैनो सामग्री के उपचार की उभरते हुए प्रवृत्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया कि इस तकनीक का उपयोग करके नैनो जनरेटर का निर्माण किया जा रहा है। जिसका उपयोग स्मार्टफोन, विद्युत उपकरण, सुरक्षा उपकरणों में किया जा सकता है। ऑनलाइन सत्र में जॉर्जिया टेक फ्रांस के प्रो. निको एफ डिक्लेरिक ने अल्ट्रासोनिक शोध पर व्याख्यान दिया। सेलेंटो विश्वविद्यालय इटली के पैरिजिया बोचेट्टा ने अल्युमिनियम आधारित अपशिष्ट का ऊर्जा संचालक के रूप में उपयोग करने, साउथ डेनमार्क विश्वविद्यालय के प्रो. योगेन्द्र कुमार मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से आधुनिक तकनीकी के लिए टेट्रापॉड्स आधारित स्मार्ट मटेरियल पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता प्रो. राजाराम यादव ने की।
दूसरे सत्र में पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। शोध कार्यों को पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में क्रियात्मक सामग्री एवं बहुलक रसायन से संबंधित विषयों रसायन विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, डोपिंग मैटेरियल जैसे विषयों पर शोधार्थियों ने प्रदर्शन किया । इस दौरान प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. गिरिधर मिश्रा, डॉ. पुनीत धवन आदि उपस्थित थे।