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Jaunpur News: समय से उपचार नहीं मिला तो घातक हो सकता है इन्सेफेलाइटिस

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जौनपुर। इंडियन एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक्स की ओर से रविवार को नगर के होटल में इन्सेफेलाइटिस अवेयरनेस, स्टडी एंड इवैलुएशन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें इन्सेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) बीमारी के कारण, निवारण और विषय पर चिकित्सकों ने चर्चा की। कहा कि इस बीमारी का समय से उपचार नहीं हुआ तो मौत का कारण बन सकता है। इंडियन एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसंत खलटकर ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पाए जाने वाले इन्सेफेलाइटिस बीमारी के बारे में विस्तारपूर्वक से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन्सेफेलाइटिस तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है।ये कभी-कभी मौत का कारण भी बन सकता है। समय से निदान और उपचार करवाना ज़रूरी है। पांच दिनों तक सिरदर्द और बुखार हो तो संभावना और प्रबल हो जाती है। इसके बाद व्यक्तित्व और व्यवहार में बदलाव, दौरे, मतिभ्रम और चेतना के स्तर भी प्रभावित होता है। वाराणसी के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक राय ने रेबीज के बारे में अध्ययन एवं इलाज के बारे में जानकारी दी। अलीगढ़ के डॉ. अनुप कुमार और लखनऊ के डॉ. कोनिका बंसल ने अपने विचार एवं महत्पूर्ण सुझाव व जानकारी को साझा किया। जिले में लंबे अंतराल के बाद इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शैक्षणिक कार्यक्रम में देश और प्रदेश के प्रख्यात पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों ने भाग लिया। चिकित्सकों ने इन्सेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) जैसे गंभीर विषय पर अपने विचार और अनुभव साझा किया। समय से इलाज कराने की नसीहत दी। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि डॉ. एचपी सिंह, इंडियन एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक्स पदाधिकारी डॉ. डीएम गुप्ता, डॉ. डीके भगवानी, डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव समेत कार्यकारी बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन में जिले के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद सिंह , डॉ. तेज सिंह , डॉ. अशोक यादव , डॉ. अजीत कपूर, डॉ. अरविन्द सिंह, डॉ. फैज़ अहमद , डॉ. मुकेश शुक्ला, डॉ. जैश सिंह, डॉ. लालजी प्रसाद एवं अन्य बाल रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सरोज यादव एवं संचालन डॉ. विपुल सिंह, डॉ. गुंजन पटेल एवं डॉ.डीके यादव ने किया।
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