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ग्राहकों की जेब खाली, कारोबार चौपट

Fri, 18 Nov 2016 12:59 AM IST
jaunpur
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प्रधान डाकघर में बड़े नोट बदलने के लिए लगी महिलाओं की लंबी कतार।
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हजार और पांच सौ रुपये का नोट बंद किए जाने का असर रसोई से लेकर बाजार तक दिख रहा है। कारोबारी, मजदूर, किसान, गृहणियां सभी के सामने एक नई मुसीबत सी आ खड़ी हो गई है। लोगों को सूझ भी नहीं रहा कि आखिर इस समस्या से छुटकारा कब और कैसे मिलेगा।
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ग्राहकों की जेब खाली होने से सब्जी, फल, किराना सब कारोबार सिमटकर आधा रह गया है। खास तौर से कच्चे माल का बाजार तेजी से गिरा है। सौदा खराब होने के डर से कारोबारी नो प्राफिट नो लास के फार्मूले पर बेच दे रहे हैं। अमर उजाला ने गुरुवार को बाजार की पड़ताल की।

गोभी जो  20 से 25 रुपये फूल बिक रही थी वह अब बाजार में 10 से 15 रुपये में बिक रही है। यही नहीं सब्जियों का दाम सब कुछ और शाम को कुछ और हो जा रहा है। सुबह जो पालक 16 रुपये किलो बिक रही वही शाम को दूकानदार 8 से 10 रुपए किलो की दर से  चिल्ला चिल्ला कर बेच रहे हैं।
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बैगन जो 25 रुपये किलो था अब  20 रुपये में बिक रहा है। हरी मटर 120 रुपये किलो की दर से बिक रही थी अब 80 रुपये किलो हो गई है। अलबत्ता टमाटर की कीमत बढ़ी है। इसलिए कि टमाटर बाहर से आ रहे थे वह अब मंडी में नहीं आ रहे।  24 रुपये किलो की दर से बिकने वाला टमाटर अब 32 रुपये में मिल रहा है।

बाहर से आने वाले फल के दाम भी बढ़े हैं। सेब 80 रुपये से 100 रुपये किलो हो गया। संतरा 60 से 80 रुपये में और जो 100 रुपये किलो था वह अब 120 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। वजह यह कि बाहर से आने वाले फल नोट बंदी के बाद से पैदा हुए संकट के कारण उनकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

शापिंग माल का कारोबार शुरुआत के पांच दिनों तक पूरी तरह ठप हो गया था अब धीरे धीरे शापिंग मालों में भीड़ बढ़ने लगी है। एटीएम और क्रेडिट कार्ड से खरीददारों की संख्या अधिक है।
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