मड़ियाहूं। सीबीआई लखनऊ की टीम द्वारा एसडीआई समेत दो की गिरफ्तारी के दूसरे दिन मंगलवार को भी डाक विभाग के कर्मचारियों में हलचल मची रही।
टीम ने सोमवार को मड़ियाहूं डाक कार्यालय में तैनात सब डिवीजन इंस्पेक्टर (एसडीआई) अंकित सिंह समेत दो को 25 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआई की टीम ने आरोपियों के लिए 16 घंटों तक डेरा डाले रखा।
आरोपी एसडीआई चार माह पहले ही दिल्ली से स्थानांतरित होकर मड़ियाहूं में फरवरी 2025 में चार्ज लिए थे। इससे अधिकतर डाककर्मी खफा थे। आरोप है कि वह जांच के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि कार्यभार ग्रहण करने के कुछ दिन बाद ही क्षेत्र के पोस्ट मास्टर सहित अन्य कर्मचारियों को मुआयना के नाम पर प्रताड़ित करते थे। कोई न कोई कमी निकालकर निलंबित करने की धमकी देते थे। घबराकर कर्मचारी उनकी मांग को पूरा करने के लिए विवश हो जाते थे। इसको लेकर डाक विभाग के कर्मचारियों में काफी आक्रोश था। इसी दौरान क्षेत्र के सेऊर गांव के पोस्टमास्टर के यहां जांच में कमी दिखाकर उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। काफी मिन्नत के बाद जब बात नहीं बनी तो पोस्ट मास्टर श्यामसुंदर तिवारी ने शिकायत सीबीआई लखनऊ से की।
सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम इंस्पेक्टर रोहित के नेतृत्व में सोमवार सुबह 9 बजे मड़ियाहूं पहुंची। टीम के लोग डाकखाने के अंदर बाहर जगह-जगह अपना जाल बिछाकर बैठे थे। जैसे ही एसडीआई अंकित कुमार सिंह ने पोस्ट मास्टर से पैसा लिया, सीबीआई टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके काम में सहयोग करने के आरोप में मड़ियाहूं रूट पर डाक पहुंचाने व लाने वाले वाहन का निजी वाहन चालक रोहित यादव भी गिरफ्तार हुआ। सीबीआई टीम काफी देर तक पूछताछ करती रही।
रात लगभग 1 बजे सीबीआई टीम पकड़े गए दोनों आरोपियों को लेकर लखनऊ चली गई। पीड़ित श्याम सुंदर तिवारी ने बताया कि एसडीआई जब से आए थे किसी न किसी को आए दिन प्रताड़ित कर रिश्वत की मांग करते रहते थे। पोस्टमैन को भी प्रताड़ित कर पैसा वसूलते थे। डाक अधीक्षक ने बताया कि सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। सभी लोगों से पूछताछ की। मारने पीटने जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।