जौनपुर। जिले में बिजली बिल बकाया रखने वालों की संख्या 30 हजार से अधिक है। डीएम साहब के बंगले पर 7.02 लाख और एसपी साहब के कार्यालय पर 26.68 लाख रुपये का बिजली बिल बाकी है। अन्य सरकारी विभागों का बकाया 10 करोड़ रुपये से अधिक है। कई सरकारी विभाग हैं जिनका 20-20 लाख रुपये से बकाया है। बिजली निगम की ओर से ऐसे बकायेदारों पर कोई कार्रवाई न किए जाने से राजस्व का तो नुकसान हो ही रहा है, साथ में आम उपभोक्ताओं को तमाम प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिले में 5.83 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 55 हजार उपभोक्ता शहरी क्षेत्र में हैं। शेष 5.28 लाख उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों में है। इन सभी को 67 छोटे-बड़े विद्युत उपकेंद्रों से आपूर्ति दी जाती है। बिजली निगम से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले भर में कम व अधिक भार की क्षमता के 62 हजार ट्रांसफॉर्मर हैं, जिनसे विद्युत आपूर्ति की जाती है। बीते दिनों उमस वाली गर्मी ने पूरी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया था। प्रतिदिन करीब 300 ट्रांसफार्मर जल रहे थे, जबकि इसके अनुपात में उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही थी। आपूर्ति बदहाल होने के कारण जिले के बड़े बकायेदार व बिजली चोर भी हैं। बड़े बकायेदारों में नगर पालिका, पुलिस विभाग, कलेक्ट्रेट आदि भी शामिल हैं। इनके अलावा 150 के करीब बिजली चोर भी चिह्नित किए गए हैं, जो कटिया मार कर घर की बिजली जलाते हैं और पूरे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति पर दबाव होता है। इनके खिलाफ बिजली निगम के बड़े अधिकारी सख्ती नहीं करते ना हीं कोई कार्रवाई ही कर रहे हैं, जिसका दंश पूरे जिले को भुगतना पड़ रहा है।
बिल में विद्युत भार न बढ़ने से बढ़ा लोड
पुराने बिजलली कनेक्शन वालों ने आवश्यकता बढ़ने पर भी अपने विद्युत बिल में लोड नहीं बढ़वाया है। ना ही बिजली निगम की ओर से जांच की जाती है। ऐसे में अचानक क्षेत्र का लोड बढ़ता है, इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं होती। ट्रांसफॉर्मर जलने लगते हैं। मजबूरन अधिक क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगवाने पड़ते हैं।
सघन जांच हो तो अच्छे-अच्छे की कट जाए बिजली
जिले में कई ऐसे भी बकायेदार हैं जिनके यहां बिजली निगम के कर्मी जाने में घबराते हैं। अब सूची में नेता व अधिकारी सभी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ उपभोक्ताओं से बिजली निगम के कर्मचारियों के व्यक्तिगत संबंध हैं जिनके खिलाफ कर्मी कार्रवाई नहीं करते और हर महीने सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाते हैं।
किसका कितना बकाया
पुलिस अधीक्षक कार्यालय - 26.68 लाख
पुलिस लाइन - 70.38 लाख
जिलाधिकारी आवास - 7.02 लाख
रजिस्ट्रार कल्याण भवन - 7.78 लाख
जिला जेल - 26.34 लाख
नगर पालिका परिषद - 96 लाख
विकास भवन - 59.47 लाख
जलकल प्रथम - 45.79 लाख
जलकल द्वितीय - एक करोड़ 93 लाख
तहसीलदार सदर कार्यालय - 9.46 लाख
10 करोड़ से अधिक
वर्जन
बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस दी जा रही है। साथ ही फोन कर बिल जमा कराने को कहा जा रहा है। इसके बाद भी न मानने पर उनका कनेक्शन काटा जाएगा।
- मुकेश गर्ग, मुख्य अभियंता