बिशुनपुर गांव में खेत की सिंचाई के लिए निकले दंपती के रहस्यमय हालात में लापता होने के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पति-पत्नी की गांव के पूर्व ग्राम प्रधान के खेत की बाड़ में प्रवाहित बिजली करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सबूत मिटाने के लिए पूर्व प्रधान ने दोनों के शवों को वाहन में लादकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व प्रधान समेत चार आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार दिए जाने तक पति-पत्नी के शव बरामद नहीं हो सके थे।
गांव निवासी रामचरित्र गौतम (58) अपनी पत्नी किस्मती देवी (56) के साथ रविवार को घर से करीब 400 मीटर दूर खेत में सिंचाई करने गए थे। वहां से दोनों रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। हत्या की आशंका में परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। घटना की छानबीन कर रही पुलिस को पता चला कि दंपती जिस खेत की सिंचाई कर रहे थे, उसी से सटा हुआ अकबरपुर निवासी पूर्व प्रधान कमलेश सिंह और उनके भाइयों का भी खेत है। फसल की सुरक्षा के लिए पूर्व प्रधान ने नंगे तार की बाड़ लगाकर उसमें बिजली का करंट प्रवाहित किया था। पुलिस ने मंगलवार को पूर्व प्रधान कमलेश को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया कि रविवार की सुबह तार में प्रवाहित करंट से दंपती की मौत की खबर मिली तो वे लोग मौके पर पहुंचे। कानून से बचने के लिए दोनों के शवों को वाहन में लाद नहर में फेंक दिया था। इस कार्य में अन्य आरोपियों ने भी साथ दिया। पुलिस नहर में शवों की तलाश कर रही थी। हालांकि देर शाम तक शव बरामद नहीं हो सके थे। थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पूर्व प्रधान का चालान कर दिया गया है। शेष तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है।