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बकरीद पर दिखा कोरोना का असर, फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मना त्योहार

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08- बकरीद की नमाज घर में पढाते मौलाना महनफुजूल हसन। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। कुर्बानी का त्योहार बकरीद शनिवार को जिले में सौहार्द के साथ मनाया गया। कोरोना के कारण लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी। एक-दूसरे को बधाइयां दीं। गले-मिलने से परहेज करते रहे। कोरोना के चलते दूसरों के घर जाने के बजाय फोन ही लोग बधाई देते रहे। त्योहार को लेकर बच्चे उत्साहित थे लेकिन मेला नहीं लगने ने मजा किरकिरा कर दिया। मस्जिद व ईदगाहों में सन्नाटा पसरा रहा। वहां चार-पांच अकीदतमंदों ने नमाज पढ़ी। हमाम दरवाजा मदरसा से मौलाना महफूजुल हसन ने ऑनलाइन नमाज पढ़ाई। कई दिनों से मुस्लिम परिवारों में बकरीद की तैयारियां चल रही थी। सुबह लोगों ने पूरी अकीदत के साथ नमाज अदा की। मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। नमाज के बाद बकरा, दुंभा आदि की कुर्बानी दी गई। कोरोना के खतरे के कारण एक-दूसरे से दूर से ही मिले। मास्क और सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल किया गया। शनिवार को बाजार की सभी दुकानें बंद थी। ऐसे में चहल-पहल भी कम रही। मुस्लिम बहुल इलाकों में ही कुछ लोग सड़कों पर चहलकदमी करते नजर आए। शहर के बेगमगंज, पुरानी बाजार, बड़ी मस्जिद, रौजा अर्जन, फिरोसेपुर, उर्द ू बाजार, ईशापुर, अटाला मस्जिद, शाही किला आदि क्षेत्रों में कुछ वहल-पहल बनी रही। ज्यादातर लोगों ने एक-दूसरे के घरों तक जाने में भी पूरा एहतियात बरता। मुंगराबादशाहपुर: कोरोना काल में नगर व देहात क्षेत्रों में बकरीद की रौनक नहीं दिखी। अकबरची मस्जिद, ईदगाह, जामा मस्जिद में पांच-पांच लोगों ने नमाज पढ़ी। पुलिस बकरीद के दिन अधिक संवेदनशील बनी रही। मस्जिदों मे जहां नमाज के वक्त पहरेदारी वही पर गली मोहल्लों में भी चक्रमण होता रहा। ईद की तरह बकरीद में भी नए कपड़ों से परहेज रहा। मिठाई, राखी व बेकरी की दुकानों को छोड़कर सभी शटरों में ताले लटकते रहे। पूरी खामोशी और बगैर किसी शोर शराबे के बकरीद संपन्न हुई। केराकत: सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए अधिकांश मुस्लिम बंधुओं ने अपने घरों में ही बकरीद की नमाज पढ़ी। ईदगाहों व मस्जिदों में रौनक गायब थी। खेतासराय: इस बार लॉक डाउन के चलते बकरीद के दिन भी ईदगाह और मस्जिदें सूनी रही। शाही ईदगाह खेतासराय में कारी जलालुद्दीन बरकाती ने नमाज पढाई। हलीमी मस्जिद में शाह फ़हद ने नमाज पढाई। हर जगह सन्नाटा रहा। ईदगाह के बाहर लगने वाला भी नहीं लगा। सुबह 6.30 बजे के बाद लोगों ने घरों में नमाज पढ़ी और कुर्बानी पेश की। शाहगंज, मछलीशहर, मड़ियाहूं, मीरगंज, जफराबाद, जलालपुर, मुफ्तीगंज, राजाबाजार सहित अन्य क्षेत्रों में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बकरीद मनाई गई।
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