जौनपुर। शहर में यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए ई-रिक्शा रूट का निर्धारण किया गया है। लेकिन कहीं पर भी अनुपालन होता नहीं दिख रहा है। ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से शहर में फर्राटा भरते हुए नजर आते हैं। मौजूदा समय शहर में लगभग तीन से चार हजार ई रिक्शा दौड़ रहे हैं। ऐसे में आए दिन शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे आवागमन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब पांच लाख की आबादी वाले शहर में अक्सर जाम लगता है। इस समस्या को देखते हुए तीन साल पहले यातायात पुलिस व परिवहन विभाग ने मिलकर रूट चार्ट तैयार किया था। उस समय 944 से अधिक ई-रिक्शा को 15 रूटों में बांटकर उन्हें रूट नंबर दे दिया गया। कहा गया कि जिसका जो नंबर होगा उसी पर चलेगा। इससे जाम की समस्या का समाधान होते दिखने लगा। कुछ ही दिनों बाद रिक्शा चालकों ने नंबर मिटा दिया और मनमाने तरीके से रूटों पर आवागमन करने लगे। जिसे जहां के लिए सवारी मिली वहां के लिए चल दिए। ऐसे में एक-एक रूट पर कई वाहन एक साथ पहुंचने लगे। इससे अब रूटों की व्यवस्था कागजों में चल रही है। इससे आए दिन शहर में जाम की स्थिति बन जा रही है। इस वर्ष अब तक गलत रूट पर जाने पर करीब 3000 ई रिक्शाचालकों का चालान काटा गया। इनसे करीब 15 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
तय किया गया रूट:-
कलीचाबाद, कोतवाली, सिटी स्टेशन, रोडवेज, अंबेडकर तिराहा, कचगांव, कचहरी रोड, गांधी पार्क आदि रूटों को ई-रिक्शा के लिए तय किया है। इसी हिसाब से चालकों को नंबर दिए गए हैं, लेकिन ई-रिक्शा चालक नियम का पालन नहीं कर रहे। इससे ओलगंज, कोतवाली, खोवामंड़ी, पालिटेक्निक चौराहा, जेसीज चौराहा पर आए दिन जाम लग जाता है।
शहर में भीड़भाड़ वाले जगहों पर चलने वाले ई-रिक्शा का रूट निर्धारित किया गया है। सभी को अपने-अपने रूटों पर चलने के निर्देश दिए गए है। ऐसे में गलत रूट पर पकड़े जाने पर उनके खिलाफ एक हजार रुपये के जुर्माने की वसूली की जाएगी। - जीडी शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक, यातायात।