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दुर्गापूजा : पंडाल में बिजली कनेक्शन के लिए अब तक एक भी आवेदन नहीं

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जौनपुर। जिले में 1800 से अधिक दुर्गा पूजा समितियां हैं। तीन अक्तूबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्र के दौरान समितियां पंडाल लगाकर पूजा शुरू करेंगी। पंडालों में भारी मात्रा में बिजली की खपत होती है। इसके लिए अस्थायी कनेक्शन लिया जाता है, मगर अब तक एक भी समिति ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया है।
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सप्ताहभर बाद नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है। पंडाल में बिजली का प्रयोग करना है तो कमेटी के लोगों को पंडाल के लिए अस्थायी कनेक्शन लेना पड़ता है। बिना कनेक्शन लिए उपयोग करने पर कार्रवाई हो सकती है। बिजली निगम की मानें तो हर साल पंडाल के लिए कनेक्शन लेने वालों की संख्या गिनती की रहती है। मगर, इस बार अब तक किसी भी समिति ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया है। श्री दुर्गापूजा महासमिति के अध्यक्ष मनीष देव ने बताया कि समितियों से बात कर सभी को इसके लिए सुझाव दिए जाएंगे।

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नौ दिन के लिए मिलता है कनेक्शन :

पूजा पंडाल और पथ-प्रकाश के लिए बिजली का अस्थायी कनेक्शन लेना होता है। नौ दिन के लिए बिजली निगम की ओर से कनेक्शन दिया जाता है। साथ ही मीटर भी लगाए जाएंगे। जितनी बिजली की खपत पंडाल और पथ-प्रकाश के लिए की जाती है, उतने का भुगतान आयोजन समिति के लोगों को करना पड़ता है।
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वर्जन ...

सभी बड़े पूजा पंडालों का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर अनुमति दी जाएगी। इसमें फायर एक्स्टींग्यूशर, बाल्टी में बालू और पानी रखने का निर्देश दिया जा रहा है। ताकि अगलगी की घटना होने पर काबू पाया जा सके।

- अखिलेश प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।

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वर्जन ...

पूजा पंडालों में पांच से 10 किलोवाट का कनेक्शन लिया जाता है। इसमें विद्युत संरक्षा विभाग से एनओसी मिलती है। घटना होती है तो बचाव के सारे उपाय किए जाते हैं। अस्थायी कनेक्शन न लेने पर नुकसान की जिम्मेदार समितियां होती हैं। प्राय: देखा जाता है कि दुर्गापूजा के समय अधिकतर समितियां बिजली कनेक्शन नहीं लेतीं।
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- अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता द्वितीय।
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