प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि नगरीय विकास अभिकरण डूडा से उन्हें सिलाई और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दे दिया गया, लेकिन अधिकतर महिलाओं को सिलाई मशीन और मानदेय नहीं दिया गया।
महिलाओं ने डीएम को पत्रक सौंपकर मानदेय आदि दिलाने की मांग की। डूडा कार्यालय पर प्रदर्शन में शामिल गायत्री, मीना, संगीता, सोनी, आदि माहिलाओं ने कहा कि वर्ष 2011 में डूडा से 120 महिलाओं को सिलाई और अगरबत्ती बनाने की ट्रेनिंग दी गई।
ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को सिलाई मशीन और अगरबत्ती बनाने के लिए किट बैग साथ में चार सौ रुपये प्रति माह की दर से मानदेय दिया जाना था। कई महिलाओं को सिलाई मशीन और अगरबत्ती बनाने का किट बैग अज तक नहीं दिया गया।