02- रोडवेज बस में बिना मास्क लगाये सफर करते यात्री।
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जौनपुर। रोडवेज डिपो से रोजाना सैकड़ों लोग यात्रा करते हैं। इनके संपर्क में रहने वाले चालक-परिचालक के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं हुआ है। उन्हें न तो मास्क दिए गए हैं और न ही बसों में सेनेटाइजर व अन्य सतर्कता मानकों का इंतजाम है।
एक ओर कोरोना को महामारी घोषित करते हुए स्कूल व कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। सरकार रेलवे स्टेशनों व रोडवेज सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना से बचाव की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लेकिन सरकार का यह निर्देश का उत्तर प्रदेश परिवहन निगम पर कोई असर नहीं दिख रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रोडवेज डिपो से वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, आजमगढ़ आदि स्थानों के लिए बसों का संचालन किया जाता है। जिससे प्रतिदिन लगभग 15 से 16 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं रोज लगभग साढ़े आठ से नौ लाख तक आय होती है। बावजूद इसके कोरोना से बचाव की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। रोडवेज बसों में सेनेटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं है। सेनेटाइजर का न तो बसों में छिड़काव हो रहा है और न ही यात्रियों के हाथों पर लगाया जा रहा है। चालक और परिचालक को भी सेनेटाइजर व मास्क उपलब्ध नहीं कराया गया है। वे बिना सेनेटाइजर व मास्क लगये बसों को दौड़ा रहे हैं।
परिचालक इंद्रदेव उपाध्याय ने बताया कि हमको अभी तक न तो सेनेटाइजर मिला है और न ही मास्क उपलब्ध कराया गया है। जबकि यात्रियों के बीच रहकर टिकट बनाना पड़ता है। बावजूद इसके हमारे स्वासथ्य को लेकर विभाग को कोई चिंता नहीं है। चालक श्याम सुंदर सिंह का कहना था कि विभाग ने हमें अभी तक कोरोना से बचाव के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराया है। जिससे बिना सुविधा के ही हम लोग बसों को दौड़ा रहे हैं। उच्चाधिकारियों से सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उधर, रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लखन पाल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर कोरोना से बचाव के लिए मास्क व सेनेटाइजर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है। रोडवेज डिपो में कोई स्वास्थ्य टीम भी मौजूद नहीं है। सीएमओ ने बताया कि जो एजेंसी हम दवा आदि उपलब्ध कराती है। उससे कहा गया है। लेकिन वह अभी तक उपलब्ध नहीं कराया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पांडेय ने इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हमारा काम जागरुकता लाना है, बचाव की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं। इसके लिए हमारे पास कोई बजट भी नहीं है। रोडवेज विभाग की ओर से भी सुविधा उपलब्ध कराने का कोई पत्र नहीं भेजा गया है। इस कारण वहां अब तक कोई टीम नहीं लगाई गई है।