जलालपुर। त्रिलोचन से लेकर जौनपुर बॉर्डर तक वाराणसी-लखनऊ एनएच-56 पर बनीं नालियां जाम हैं। कुछ जगह पर नालियां क्षतिग्रस्त भी हो गई हैं। इनके जाम होने से पूरे मुख्य मार्ग पर बारिश के पानी का जलभराव हो रहा है, जो कि एनएच के मानकों के खिलाफ है।
वाराणसी-लखनऊ एनएच-56 पर एनएचएआई की कार्य दाई संस्था गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से जल निकासी के लिए नाली बनाई गई। इनके जगह-जगह टूट जाने से नाली में कचरा जमा हो गया है। इसी कारण सारा पानी हाईवे पर बहता है, इससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है। बाइक सवार तो किसी तरह निकल जा रहें हैं, लेकिन चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाली निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर अभी से सवाल उठ रहे हैं। नालियों के ऊपर जगह-जगह 4 फीट चौड़ा और उतना ही गहरा गड्ढा है। इसे खुला छोड़ दिया गया है। इससे आए दिन पैदल चलने वाले या फिर पशु गिर जाते हैं। धोखे से कई बार साइड से निकलने के चक्कर में बड़े वाहन भी गड्ढे में फंस गए हैं।
कोट
मामला संज्ञान में है। जगह-जगह नालियों की मरम्मत भी कराई जा रही है। कुछ दिन में इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
मनीष कुमार सिंह, मेंटेनेंस इंचार्ज, गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड