रेल पटरी पर मोटर ट्राली से सीआरएस करते सेफ्टी कमिश्नर रेलवे। स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : samvad
जंघई जंक्शन से गौरा रेलवे स्टेशन के बीच रेललाइन के दोहरीकरण का इंतजार खत्म हो गया है। मंगलवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) दिनेश चंद्र ने इस रेलखंड का निरीक्षण करने के बाद ट्रेनों के आवागमन की अंतिम अनुमति दे दी।
जंघई तक दोहरीकरण का काम पूरा होने के साथ ही अब वाराणसी से लखनऊ वाया प्रतापगढ़ पूरी रेल लाइन डबल हो गई है। इससे ट्रेनों के समय पालन में सुधार होगा और यात्रियों को लेट लतीफी से राहत मिलेगी। गौरा से जंघई जंक्शन रेलवे स्टेशन के बीच बीते दो वर्षों से दोहरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा था। मंगलवार को सीआरएस विशेष मोटर ट्रॉली से सुवंसा, बादशाहपुर और नीभापुर होते हुए जंघई जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया। जंघई जंक्शन पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि जंघई से लखनऊ वाया प्रतापगढ़ दोहरीकरण का कार्य अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है। मंगलवार को सफल निरीक्षण के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की अनुमति जारी कर दी गई है। इस मौके पर उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील वर्मा, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (डीओएम) रजनीश श्रीवास्तव सहित मुख्यालय और मंडल के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। जंघई स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह ने बताया कि बीते दो साल से गौरा-जंघई के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा था।