29- जिला अस्पताल में ओपीडी के टाईम पर अपने कक्ष से गायब रहे चिकित्सक।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। नए सीएमएस ने कार्यभार संभालते ही जिला अस्पताल की बिगड़ी व्यवस्था को पटरी पर लाने का दावा किया था। उन्होंने डॉक्टरों की समय से उपस्थिति होने का निर्देश दिया था। मगर दस दिन बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। शुक्रवार को ओपीडी तो आठ बजे खुल गई, मरीजों का आना भी शुरू हो गया, लेकिन साढ़े नौ बजे तक ज्यादातर डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। उनके कमरों के आगे पर्ची लेकर बैठे मरीज इंतजार में जिम्मेदारों को कोसते रहे।
जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक का है। व्यवस्था पर डॉक्टरों की मनमानी हावी है। लेटलतीफी उनकी आदत में शुुमार हो चुका है। आलम यह है कि अक्सर वह दस बजे से पहले नहीं आते। शुक्रवार को ठंड के बावजूद मरीज इलाज कराने के जिला अस्पताल तो पहुंचे लेकिन चिकित्सक गायब रहे। ओपीडी कक्ष 10, 12 और 16 में तैनात चिकित्सक नदारद रहे। अन्य कमरों का भी यही हाल था। गौराबादशापुर से लोग मारपीट में घायल रामराज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें सर्जन को दिखाना था, लेकिन सर्जन मौके पर नहीं मिले। करीब दस बजे तक तीनों ओपीडी कक्ष में कुर्सियां खाली रहीं।
निर्देश के बाद भी बाहर से लिखी जा रही दवाएं
जौनपुर। जिला अस्पताल में दवाएं मौजूद होने के बाद भी मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही है। शुक्रवार को करंजाकला के काफरपुल निवासी विशाल इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन उन्हें काउंटर से कुछ दवाएं दे दी गई। कुछ दवाएं बाहर से खरीदने के लिए पर्ची पकड़ा लिया गया।
चिकित्सकों को समय से अस्पताल पहुंचने और ड्रेस कोड का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें मरीजों के साथ अच्छे से पेश आने के साथ ही अस्पताल में ही सभी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा गया है। समय से ओपीडी में नहीं पहुंचने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ.एके शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल।