जौनपुर जिले की सीएचसी केराकत के अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने पद से हटाए जाने का कारण मंदिर निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये चंदा न देने को बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मछलीशहर सांसद के नाम का दबाव बनाकर उनसे चंदा मांग रहे थे। असमर्थता जताने पर उन्हें पद से हटवा दिया गया। वहीं सांसद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि वह दिल्ली में हैं। उन्होंने किसी पर दबाव नहीं दिया।
सीएचसी केराकत के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार को गुरुवार की रात सीएमओ ने अधीक्षक पद से हटा दिया। उनकी जगह करंजाकला में तैनात डॉ. संतोष कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. राजेश पर आरोप है कि उन्होंने विहिप के कुछ पदाधिकारियों से अभद्रता की थी। जांच के बाद सीएमओ ने उनके विरुद्ध कार्रवाई की।
पद से हटाए जाने पर अधीक्षक ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा न देने का हवाला दिया। वीडियो जारी कर बयान में कहा कि मछलीशहर सांसद का प्रतिनिधि बनकर कुछ लोग रविवार को मंदिर के लिए ढाई लाख रुपये चंदा मांग रहे थे।
इनकार करने पर उन्होंने सांसद बीपी सरोज से भी बात कराई। उन्होंने फोन पर सांसद से भी चंदा देने में असमर्थता जताई। इस पर वह नाराज हो गए। सांसद प्रतिनिधि ने उसी दिन मुझे चेतावनी देते हुए कहा था कि चार-पांच दिन में चिकित्सा अधीक्षक के पद से हटवा दिया जाएगा। इसके तहत गुरुवार की शाम को इस पद से हटाने का सीएमओ का आदेश भी मिल गया।
मैंने किसी व्यक्ति विशेष को प्रतिनिधि नहीं बनाया है। क्षेत्र की पूरी जनता मेरा प्रतिनिधि है। मैं सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए दिल्ली में हूं। इस प्रकरण से मेरा कोई सरोकार नहीं है। चिकित्सक पर पहले से ही तमाम आरोप थे। उसी के तहत सीएमओ ने जांच कर कार्रवाई की है। अब कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक हित में अधीक्षक को संरक्षण देकर मेरा नाम शामिल कराया जा रहा है।
बीपी सरोज, भाजपा सांसद मछलीशहर।