जौनपुर। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और एसपी रविशंकर छवि ने सोमवार की शाम नखास स्थित गोमती नदी के सद्भावना पुल के निकट मूर्ति विसर्जन के लिए बने कुंड का निरीक्षण किया। विसर्जन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था व्यवस्था में कहीं कोई परेशानी न हो इसके लिए मातहतों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए। जिले के संवेदनशील इलाका खेता सराय में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। डीएम और एसपी ने खेतासराय कस्बे में पैदल भ्रण किया। सबी पूजा समिति के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
शहर में पिछले कुछ वर्षों से गोपी घाट के पास नदी में कुंड बनाकर मूर्ति विसर्जित की जाती थी। लेकिन इस साल नदी का जलस्तर बढने के कारण विसर्जन कुंड भी नदी में समा गया है। लिहाजा सद्भावना पुल के बगल में अस्थाई कुंड बनाकर मूर्ति विसर्जन की तैयारी की गई है। आननफानन में जेसीबी मसीन से कुंड की खुदाई कर उसमें पानी भरा जा रहा है। जिला प्रशासन ने विसर्जन के सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने का दावा किया है लेकिन मौके पर कई खामिया भी नजर आती हैं। विसर्जन के लिए जो कुंड बनाया गया है उसमें किसी सिंथेटिक लेयर का इस्तेमाल नहीं किया गया है। जबकि न्यायालय व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का निर्देश है कि मूर्ति विसर्जन के लिए बनाए गए कुंड में सिंथेटिक लेयर का इस्तेमाल किया जाए। क्योंकि मूर्तियों के पेंट में खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल होता है। शहर क्षेत्र की मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए गोमती नदी के किनारे जो कुंड बनाया गया है वह काफी छोटा भी है। जबकि यहां 150 मूर्तियों का विसर्जन होना है।