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Jaunpur News: चित्रकला में दिव्यांशी, निबंध में कनक व क्ले मॉडल में देवांशी ने बाजी मारी

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खेतासराय खुदौली वन पार्क में वेटलैंड दिवस पर स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत करते अ
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खेतासराय। विश्व वेटलैंड दिवस पर सोमवार को वन विभाग की ओर से खुदौली वन पार्क में अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड एवं बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया। गूजरताल क्षेत्र में स्कूली बच्चों को विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का दीदार कराया गया। बच्चों को पक्षियों की पहचान, उनके आवास और संरक्षण के बारे में बताया गया। बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, आर्द्र भूमि, वेटलैंड और पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की गई। स्कूली बच्चों ने पेंटिंग, निबंध, क्ले और मॉडल प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया। कस्बे के अरिहंत इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। चित्रकला में दिव्यांशी जैन ने प्रथम, साली भद्र ने द्वितीय और मोहम्मद इब्राहिम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध में कनक विश्वकर्मा, शिवांगी और कृति चौधरी को स्थान मिला। क्ले मॉडल प्रतियोगिता में देवांशी को विजेता घोषित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन संरक्षक वाराणसी डॉ. रवि कुमार सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया। उन्होंने कहा कि वेटलैंड और तालाब हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। आज हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में समय रहते सचेत होने की आवश्यकता है। पक्षियों का कलरव और स्वच्छ ऑक्सीजन प्रकृति की अमूल्य देन है। उन्होंने बताया कि दो फरवरी को ईरान में वेटलैंड संरक्षण को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय संधि हुई थी। इसके तहत प्रत्येक देश अपने वेटलैंड की रक्षा करेगा। भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश में कुल 98 वेटलैंड घोषित हैं। इनमें 11 उत्तर प्रदेश में हैं। तमिलनाडु देश का पहला राज्य है, जहां 20 वेटलैंड घोषित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को भी इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। अध्यक्षता डीएफओ प्रोमिला ने की। इस दौरान आरएफओ शालिनी चौरसिया, एसडीओ शाहगंज सरफराज अहमद, एसडीओ जौनपुर हरिओम श्रीवास्तव, रंजना सिंह उपस्थित रहे। आयोजक रेंजर शाहगंज राकेश कुमार ने आभार व्यक्त किया। संचालन आरएफओ सुशील ने किया। गूजरताल के संरक्षण एवं विकास को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। ताल क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए पर्यटकों की सुविधाओं के लिए वाचिंग टावर, मोटर बोट, पर्यटक हट सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। इन सुविधाओं से ताल की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रहेगी। वन्य जीवों व पक्षियों के अवलोकन में सहायता मिलेगी। इससे यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सकेगा।
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