जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला रोचक होता नजर आ रहा है। जिले के प्रथम नागरिक की कुर्सी पर बैठने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। आखिरी समय तक बात बनाने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव तीन जुलाई को होना है। जीत की हैट्रिक बनाने को बेताब समाजवादी पार्टी इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है। पार्टी की प्रत्याशी निशी यादव के लिए पूरी टीम लगा दी गई है। वहीं, अपना दल (एस) ने भी अपने प्रत्याशी रीता पटेल के लिए जोर लगाया है। दूसरी ओर निर्दल प्रत्याशी नीलम सिंह और श्रीकला धनंजय सिंह भी इतिहास बनाने के लिए जुटी हैं। कई प्रत्याशियों ने अपनी बात बनाने के लिए हर तरह के प्रयास किए। जिला पंचायत सदस्य चुप्पी साधे हुए हैं। आठ जिला पंचायत सदस्य तो चुनाव के 48 घंटे पहले खुद के निरक्षर होने के कारण मदद तक मांगने के लिए आवेदन लेकर पहुंच गए। हालांकि जांच में वह साक्षर पाए गए, जिसके कारण उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। इनमें से तीन जिला पंचायत सदस्यों के आवेदन दूसरे लोग लेकर भी पहुंचे। जबकि, आवेदन लेने की समय सीमा खत्म होने पर दो जिला पंचायत सदस्य मतदान के लिए खुद के सहयोगी मांगने के लिए पहुंच गए थे। जीत सुनिश्चित कराने के लिए कई स्थानों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने बैठक भी की।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव यह छठवां मौका है, जब जिले की प्रथम नागरिक कोई महिला बनेगी। इसके लिए चार महिलाओं ने ताल ठोंकी है। इनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव की बहू और डॉ. जितेंद्र यादव की पत्नी निशी यादव, पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह, पूर्व सांसद और मुंबई के उद्योगपति कुंवर हरिबंश सिंह के बेटे रमेश सिंह की पत्नी एवं खुटहन की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख नीलम सिंह, अपना दल एस से जिला पंचायत सदस्य रीता पटेल शामिल हैं।