फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खोद कर छोड़ दी थी सड़क, बारिश के बाद कीचड़ में गिर रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
ताउते तूफान के असर से ऐसी बारिश हुई कि लोगों को बारिश का मौसम याद आने लगा है। बुधवार को देर शाम से शुरू हुई बारिश रुक-रुककर पूरी रात जारी रही। चमक-गरज के साथी हुई बारिश के कारण खेत-खलिहानों में पानी भर गया है। कई इलाकों में जलभराव का संकट भी पैदा हो गया है। शहर क्षेत्र के लिए यह बारिश मुसीबत का सबब बन गई है। सीवर खोदाई के कारण खोदकर अधूरी छोड़ी गई सड़कों पर बारिश के बाद कीचड़ में फिसलन से राहगीर गिरते-पड़ते रहे।
विज्ञापन

मौसम विशेषज्ञों ने 21 मई तक तूफान का असर रहने की चेतावनी दी है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की ही संभावना जताई गई थी, लेकिन बुधवार की रात तेज बारिश हुई। रात आठ बजे से ही बारिश का जो क्रम शुरू हुआ तो रुक-रुककर पूरी रात चलता रहा। इस दौरान तेज हवा और बादलों की चमक-गरज भी खूब रही। उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को बारिश ने काफी राहत पहुंचाई है।
उधर, गेहूं की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों के लिए बारिश काफी फायदेमंद बताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस वक्त किसान गर्मी की जोताई कर दें तो आने वाले दिनों में होने वाली धूप से मिट्टी के अंदर मौजूद हानिकारक कीट व खरपतवार नष्ट हो जाएंगे। उधर, शहरी क्षेत्र में बारिश मुसीबत का सबब बनी रही। गंदे पानी की निकासी के लिए शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। खोदी गई सड़कों की समय रहते मरम्मत न कराए जाने से वहां मौजूद मिट्टी बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गई है। इसमें फंसकर और फिसलकर साइकिल व बाइक सवार गिरते रहे। शहर के जेसीज चौराहे से टीडी कॉलेज रोड, रोडवेज होते हुए कलेक्ट्रेट और जोगियापुर से सिविल लाइंस को जाने वाली मुख्य सड़क का सबसे बुरा हाल था। इसके अलावा तारापुर कॉलोनी, मियांपुरा, भगवती कॉलोनी, सहकारी कॉलोनी सहित अन्य रिहायशी इलाकों में भी कमोवेश यही स्थिति बनी रही। कालोनियों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह नाले जाम होने से भी समस्या बढ़ी है। आनन-फानन में नगर पालिका के कर्मचारी सुबह जाम नालों की सफाई करते दिखे।
विज्ञापन

----
बारिश से टमाटर और पालक की फसल हुई बर्बाद
खेतासराय। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से सब्जी के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। टमाटर, पालक, लौकी, बैगन की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। गोरारी गांव में ज्यादातर किसान सब्जी की खेती कर परिवार की जीविका चलाते हैं। बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गोरारी गांव के बसंतू मौर्य दस विश्वा में टमाटर और पालक की खेती किए हैं। टमाटर अभी तैयार हो रहा था। एक-दो दिनों में पके टमाटर तोड़कर मंडी ले जाने वाले थे। इस बीच बारिश से पके टमाटर सड़ गए। उन्होंने बताया कि तेज बारिश के चलते टमाटर और पालक की फसल बर्बाद होने से लगभग 25 हजार का नुकसान हुआ है। इसी तरह अन्य किसान भी प्रभावित हुए हैं।
----
पांच घंटे बाधित रही शहर की बिजली व्यवस्था
जौनपुर। बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी झटका दिया है। कहीं तार टूटने तो कहीं पोल गिरने से ब्रेकडाउन के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहर के विभिन्न इलाकों में पांच घंटे तक आपूर्ति में व्यवधान रहा। कजगांव में रेलवे क्रॉसिंग के समीप पोल गिरने, हुसैनाबाद, चांदमारी आदि क्षेत्रों में पेड़ों की डाल बिजली के तार पर गिरने से ब्रेकडाउन हो गया था। तकनीकी फाल्ट से नईगंज उपकेंद्र को भी रात में कई बार बंद करना पड़ा। एसडीओ विनोद प्रजापति ने बताया कि सुबह पांच बजे से नौ बजे तक शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। रात में बारिश के कारण जगह-जगह फाल्ट आ गया था। बारिश के दौरान फाल्ट ढूंढकर मरम्मत संभव नहीं था। बारिश रुकते ही कर्मचारियों ने मरम्मत कर आपूर्ति शुरू कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें