एएसपी सिटी के मुताबिक जांच के दौरान रास्ते में लगे दो सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो लोग आते और जाते नजर आए। वे दिन में 10:11 बजे बाइक से आते और 10:23 बजे वापस जाते नजर आए। महज 12 मिनट के इस अंतराल को देखने के बाद पुलिस ने बाइक और दोनों युवकों की तलाश की।
चूंकि हत्यारोपी पुलिस की कार्रवाई के समय मृतक और ग्रामीणों के साथ मौके पर ही पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे, जिससे उन तक पुलिस को पहुंचना मुश्किल हो रहा था। हालांकि पहचान के बाद पुलिस ने राजेश यादव और अंकित गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया और अलग-अलग पूछताछ की।
दोनों ने चाय पीने जाने की बात तो कही लेकिन दुकान अलग-अलग बताई। ऐसे में पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। राजेश यादव का गांव निवासी अंकित गुप्ता विश्वास पात्र है। वह राजेश के खेत में काम करता था और बदले में उसे 500 रुपये मिलते थे। वह हमेशा राजेश के साथ ही रहता था और वह जो कहता था, उसे वह करता था।