रामनगर। सारनाथ वाराणसी से शनिवार को धम्म यात्रा निकली। यात्रा भरसथ गाँव पहुंची, जहां शाम को धर्मगुरु भंते चंदिमा थेरो का सैकड़ों की संख्या में आए अनुयायियों ने स्वागत किया। इस दौरान भंते चंदिमा थेरो ने समानता और करुणा का संदेश दिया। क्षेत्र के बेनीपुर अंबेडकर पार्क से यात्रा भरसथ अंबेडकर पार्क में पहुंची। यहां धर्मगुरु भंते चंदिमा थेरो ने बताया कि यह यात्रा 20 नवंबर को सारनाथ से प्रारंभ हुई है। जो 14 दिसंबर को संकिसा (फैजाबाद) में सम्मपंन्न होगी। यात्रा के दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस दौरान भक्त भंते चंदिमा के दर्शन पाने के लिए उत्सुक दिखे। पार्क में पहुंचने के बाद भंते चंदिमा थेरो ने एकता का संदेश दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त गैर- बराबरी असमानता, जातिवाद और सामाजिक क्लेश को समाप्त करने का संदेश दिया। भंते ने कहा कि बुद्ध का मार्ग करुणा, संभाव और मानवता का मार्ग है, जिसे अपनाकर ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है। अनुयायियों ने यह संकल्प लिया कि वे भारत को सम्राट अशोक, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा फूले, पेरियार, छत्रपति शाहूजी महाराज के बौद्धमय, समतामूलक और प्रगतिशील भारत के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेंगे। लोगों ने समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दोहराया। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर बौद्ध महासंघ के पदाधिकारी मुकेश कुमार, रोहन कुमार, हीरालाल भारती, शिवकुमार, मंगलदास मास्टर, कैलाश नाथ, संजय कुमार आदि उपस्थित रहे।