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Chhath puja: छठ पूजा के लिए घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, दिखा आस्था का संगम

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जौनपुर। ‘ललकी ललईया से हो ना इसारा, केहू नाहीं जागी, सूतल रही जगह सारा। जोहे राह फूलवा पतईया हो, उगीं हे दीनानाथ।’ लालिमा का इशारा कोई नहीं समझेगा, सारा जग सोया रहेगा तो सूर्य देव जागिए क्योंकि फूल-पत्तियां बाट जोह रही हैं। सर्द मौसम में कमर भर पानी में खड़ी होकर भूख-प्यास से व्याकुल व्रती महिलाएं सूर्योदय की प्रतीक्षा करती रहीं। सूर्य के दिखते ही अर्घ्य दिया, आरती की और व्रत का पारण किया।
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छठ पूजा घाटों पर शनिवार की सुबह घाटों पर नजारा देखने लायक था। तड़के ही कमर भर पानी में खड़े होकर पूजन किया। दीप जलाए। हजारों दीपों से घाट जगमग हो गए। तालाब भी दीपों से जगमग हो गए। व्रती महिलाएं सर्दी की परवाह न करते हुए पूर्व की ओर मुंह करके हाथ जोड़कर सूर्य की प्रतीक्षा में खड़ी होकर ‘उगीं न दीनानाथ अघरा की बेरिया’ जैसे गीत गाती रहीं। वातावरण में आध्यात्म का आनंद पसर गया था। अचानक पूरब में लालिमा का आभास होने लगा। सूरज का नारंगी गोला निकलते ही अर्घ्य दिया जाने लगा। आरती होने लगी। हजारों घंटियों की आवाज गूंजने लगीं। घाट पर आनंद की बारिश होने लगी।
रात दो बजे के बाद से ही व्रती महिलाएं हाथों में जल कलश और घी के दीपक लेकर नंगे पांव छठ घाटों पर पहुंचने लगीं। उनके साथ परिवार के सदस्य पूजन सामग्री से भरी दौरी लेकर चल रहे थे। घाट पर वेदी की पूजा के बाद महिलाएं पानी में उतर गईं। घंटे भर तक वह ठंडे पानी में खड़ी होकर सूर्य की प्रतीक्षा करती रहीं। गीत गाती रहीं। सर्द हवा और जल की शीतलता से कंपकंपी छूट रही थी लेकिन उन्हें सूर्य के दर्शन की प्रतीक्षा थी। सूर्योदय होते ही पहले गाय के दूध से अर्घ्य किया गया और उसके बाद जल से। शहर के गोपी घाट, हनुमान घाट, प्रतिमा विसर्जन घाट, अली घाट सहित अन्य तटों पर हजारों की तादाद में लोग छठ पूजा के लिए उमड़े रहे। शाही पुल से सद्भावना पुल के बीच नदी के दोनों किनारों पर विद्युत झालरों और दीया से आकर्षक सजावट अलग छटा बिखेर रही थी। पूजा का यह अलौकिक दृश्य देख श्रद्धालु निहाल हो गए। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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घाटों पर सुरक्षा और सफाई की अच्छी व्यवस्था थी। हर बार पूजा के बाद घाटों की सफाई की गई। शाम की पूजा खत्म होने के बाद सफाई हुई तो सुबह भी अर्घ्य देकर महिलाओं के घर जाते ही सफाई शूरू हो गई।
उगते सूरज को अर्घ्य देकर महिलाओं ने पूरा किया व्रत
मुंगराबादशाहपुर। झरियावां तालाब पर नवयुवक डाला छठ पूजा समिति की ओर से छठ महापर्व पर व्रती महिलाओं की सेवा की गई। समिति के सदस्यों ने घाट पर आई महिलाओं को गाय का दूध, कपूर, अगरबत्ती बांटा तो स्टाल लगाकर चाय भी पिलाया। हवन पूजन के बाद यहां भगवान भास्कर की मूर्ति का विसर्जन किया गया। इसके पूर्व छठ व्रती महिलाओं ने तालाब के पानी में उतरकर छठ मइया की पूजा की। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय व्रत को पूरा किया। घाट पर व्यवस्था का संचालन समिति के संस्थापक संदीप कसेरा ने किया। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष शिव गोविंद साहू, सभासद सौरभ जायसवाल, आलोक कुमार गुप्ता (पिंटू), बबलू ठठेर, सभासद सुरेश चंद सोनी, दीपू मोदनवाल, सचिन केसरवानी, अनिल काका, शिवकुमार मैनेजर, शारदा कसौधन आदि मौजूद रहे। सिकरारा के शेरवा गांव स्थित हनुमान गढ़ी पावन कुंड में सूर्य देव को महिलाओं ने छठ का अर्घ्य दिया।
पूजा के बाद साफ हो गए घाट
जौनपुर। छठ पूजा घाटों पर इस बार पुलिस-प्रशासन और नगर पालिका की व्यवस्था सराहनीय रही। हर बार पूजा के बाद कचरा घाटों पर फैल जाता था या नदी में फेंक दिया जाता था। इस बार प्रशासन ने पूजन समाप्ति के तत्काल बाद सफाई कर्मियों की टीम लगाकर सफाई कराई। शाम की पूजा खत्म होने के बाद सफाई हुई तो सुबह भी अर्घ्य देकर महिलाओं के घर जाते ही सफाई कर्मी झाड़ू लेकर घाट किनारे पहुंच गए थे।
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