सिंगरामऊ। क्षेत्र के लच्छी पट्टी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव में गायकों के सोहर, भजन पर श्रोता खूब झूमे। श्रीकृष्ण के जयकारों और नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। कथावाचक पं. सत्यव्रत शुक्ल ने प्रहलाद के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भक्त प्रहलाद राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी भगवान श्री नारायण के अनन्य भक्त हुए। उनके पिता हिरण्यकश्यप को श्री नारायण का नाम लेने से और उनकी भक्ति करने से इतना क्रोध आया कि उन्होंने भक्त प्रहलाद को पर्वत से नीचे, उबलते हुए तेल की कढ़ाई में और हर प्रकार से मारने की कोशिश की। परंतु प्रहलाद तो नारायण के भक्त थे और वह हर बार बच गए। कथा व्यास ने भगवान नृसिंह अवतार का वर्णन किया। भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी प्रस्तुत की गई।कथा व्यास ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की महत्ता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कथा का सुनना तभी सार्थक होगा, जब उसके बताए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करेंगे। इस मौके पर मुख्य यजमान कृपाशंकर दुबे, दयाशंकर दुबे, पन्नालाल दुबे, देवेंद्र, उपेंद्र आदि मौजूद रहे।