जौनपुर। वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासन की ओर से तीन सांसदों को 12.45 करोड़ की निधि जारी हुई है। इससे शैक्षणिक गतिविधि, संपर्क मार्ग, प्रकाश, पेयजल व्यवस्था, चहारदीवारी, ओपन जिम, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि आदि कार्य कराए जाएंगे। इन विकास कार्यों से सुविधाएं बढ़ने से लोगाें को सहूलियत होगी।
जिले में दो संसदीय क्षेत्र और कुल नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जौनपुर में पांच विधानसभा तो मछलीशहर संसदीय क्षेत्र में चार विधानसभा आते हैं। मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज, जौनपुर के सपा सांसद बाबूसिंह कुशवाहा को वित्तीय वर्ष 2026-27 में पांच-पांच करोड़ व भाजपा की राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी का कार्यकाल नवंबर माह में समाप्त होने के कारण उनका सांसद निधि दो करोड़ 45 लाख शासन की ओर से जारी किया गया है। इसमें 10 लाख प्रशासनिक मद काटते हुए उनके खाते में जनपद स्तर पर चार करोड़ 90 लाख रुपये की सांसद निधि प्रति सांसद को मिला है।
सीमा द्विवेदी ने 1.88 करोड़ का दिया प्रस्ताव : डीआरडीए से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी की ओर से अब तक 1.88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए प्राप्त है। इसमें ओपेन जिम, सीसी रोड, विद्यालय भवन आदि कार्या कराया जाएगा। सीमा द्विवेदी ने बताया है कि जिले के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शेष प्रस्ताव एक सप्ताह में भेज दिया जाएगा।
सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने अब तक 1.58 करोड़ का दिया प्रस्ताव : जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने अब तक करीब एक करोड़ 58 लाख 35 हजार का प्रस्ताव दिया है। इसमें प्रकाश व्यवस्था, संपर्क मार्ग, सीसी रोड आदि कार्य है। शेष प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बाबू सिंह कुशवाहा ने बताया कि क्षेत्र में विकास कराना पहली प्राथमिकता है। इससे क्षेत्र की जनता को किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।
मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज का नहीं मिला प्रस्ताव : मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज की ओर से अभी तक प्रस्ताव नहीं मिला है। सांसद ने बताया कि निधि आने की जानकारी मिली है। प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही प्रस्ताव दिया जाएगा। क्षेत्र की जनता को हर सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
सांसद निधि जारी होने से जिले के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसके लिए सांसदों की ओर से प्रस्ताव
दिया जा रहा है। इसमें शैक्षणिक गतिविधि, संपर्क मार्ग, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था आदि कार्य शामिल हैं। - कृष्ण करुणाकर पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए