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Jaunpur News: चीनी मांझे पर रोक के बावजूद युवाओं में पतंग का जुनून

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पतंग की दुकान। संवाद - फोटो : घायल मानस जायसवाल।
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शाहगंज। एक ओर जहां प्रशासन की ओर से चीनी मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पतंग उड़ाने का उत्साह कम नहीं हो रहा है। गांवों में पतंग उपलब्ध न होने पर पतंग खरीदने के लिए पांच से 10 किलोमीटर दूर कस्बों और बाजारों तक चले जा रहे हैं। मकर संक्रांति और वसंत पंचमी जैसे पर्वों को लेकर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में पतंग उड़ाने का खासा उत्साह रहता है। हालांकि मांझे पर प्रतिबंध के चलते दुकानदार भी सतर्क हो गए हैं। केवल सादा धागा व सुरक्षित पतंग ही बेच रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में पतंग की मांग बनी है। गांव के शुभम, संतोष, सुरेश, रमेश, मोहम्मद, आमिर और मुस्तकीम का कहना है कि गांवों में पहले छोटी-छोटी दुकानों पर पतंग आसानी से मिल जाती थी लेकिन अब नियमों की सख्ती और मांग कम होने के डर से दुकानदार पतंग नहीं रख रहे हैं। मजबूरी में उन्हें शाहगंज, खेतासराय बाजार या आसपास के कस्बों में जाना पड़ रहा है। कई ग्रामीण परिवार एक साथ बाइक या साइकिल से बाजार पहुंचकर पतंग की खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदार मोहम्मद अकरम का कहना है कि मांझे पर रोक की वजह से इस बार पतंग की बिक्री कम हो रही है। फिर भी दूरदराज से लोग पतंग लेने पहुंच रहे हैं। सबसे कम पतंग की कीमत पांच रुपये और ज्यादा से ज्यादा 15 रुपये की पतंग की बिक्री हो रही है। महंगे दाम वाली पतंग नहीं बिक रही है। इसके बावजूद ग्रामीण अंचलों में पतंग को लेकर काफी उत्साह है। बाजारों में भीड़ बढ़ती जा रही है।
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