जौनपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शनिवार को मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज को ज्ञापन सौंपकर सेवारत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग उठाई। संघ का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद लाखों अनुभवी शिक्षकों के सामने सेवा समाप्ति का संकट उत्पन्न हो गया है।
संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से मुलाकात कर बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक सितंबर 2025 के निर्णय के बाद टीईटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य हो गई है। दशकों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को अब इस आधार पर सेवा से हटाना उनके साथ अन्याय होगा।
शिक्षक नेताओं ने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने तथा उनके शैक्षणिक अनुभव को ही पात्रता का आधार मानने की मांग की। सांसद प्रिया सरोज ने शिक्षकों की मांग को गंभीरता से सुनते हुए इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान जिला मंत्री रवि चंद्र यादव, लालसाहब यादव, रामदुलार, लक्ष्मीकांत सिंह, शिवेंद्र सिंह रानू, प्रशांत मिश्र, विष्णु तिवारी, राकेश पांडेय, विक्रम प्रकाश यादव, सुधीर कुमार सिंह, दिवाकर दुबे, पवन सिंह, सूरज मौर्य, धर्मेंद्र यादव, अनिल कुमार, इमरान, घनश्याम मौर्य, वेदप्रकाश सिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।