जौनपुर। दैवीय आपदा राहत कोष के तहत प्रशासन की तरफ से डेढ़ करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। इसके लिए एक सप्ताह पहले शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया था। ताकि किसी प्रकार की दैवीय आपदा में जनहानि, पशुहानि व नुकसान होने पर मुआवजा दिया जा सके।
दैवीय आपदा में अभी तक जनहानि में किसी की मौत होने पर चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। दुधारू पशु की मौत पर 37 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता, गैर दुधारू पशु की मौत पर 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लेखपाल से रिपोर्ट लगाने के बाद संबंधित तहसील के एसडीएम के यहां से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए एडीएम के यहां से भी रिपोर्ट लगती है। इसी सत्र में अप्रैल में 1.70 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, इसमें 1.61 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का वितरण किया जा चुका है। इसमें महज नौ लाख रुपये शेष रह गए है। ऐसे में नए लाभार्थियों की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही सतर्क हो गया,जिससे लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के लिए भटकना न पड़े।
प्रशासन की तरफ से दैवीय आपदा व अन्य राहत के लिए कुल 1.50 करोड़ की सहायता के लिए एक सप्ताह पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। हमारे पास बजट होने पर पीड़ित के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जा सके। -राम अक्षयबैर चौहान, एडीएम।