जौनपुर। पिछले साल के मुकाबले इस साल दिसंबर में सामान्य से कम ठंडक है। वर्ष 2019 के दिसंबर के प्रथम पखवाड़े के मुकाबले इस साल 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तापमान अधिक है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई के चलते वन क्षेत्र का दायरा लगातार घटा है और वातावरण में कार्बन डाईअक्साइड की मात्रा बढ़ी है। इससे चलते मौसम गर्म हो रहा है। तापमान अधिक रहने का फसलों और मनुष्य की सेहत पर असर पड़ने की आशंका है।
कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल का कहना है कि दिसंबर महीने में भी सामान्य से अधिक तापमान रहने के पीछे की वजह ग्लोबल वार्मिंग है। वातावरण में जब कार्बन डाईआक्साइड की मात्रा बढ़ती है तो मौसम गर्म होने लगता है। इसका कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई है। टीडी कालेज से अवकाश प्राप्त प्राध्यापक डा डीपी उपाध्याय का कहना है कि इस साल बारिश अच्छी हुई थी, जिससे ठंड देर से आ रही है। पिछले साल पहाड़ों पर बर्फबारी भी जल्दी हुई थी और पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं आ गई थीं। इस साल भी अच्छी ठंड पड़ेगी लेकिन उसमें देर हो सकती है।दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होने के काण लोगें के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। लोग सर्दी, जुकाम जैसी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
फसलों पर पड़ेगा असर
जौनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ संदीप कुमार का कहना है कि बादल छाने लगे हैं, जिससे मौसम गर्म है। बदल के साथ-साथ क फसल प्रभावित हो सकती है। उसमें झुलसा बीमारी लग सकती है। इससे बचने के लिए किसान मैनकोजेब दो ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चा हिए। झूलसा में पत्तियां पीले-भूरे रंग की होने लगती हैं और गलने लगती हैं। वर्तमान में तापमान की जो स्थिति है, उससे गेहूं की फसल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरसों में माहो का प्रकोप हो सकता है।
दिसंबर में तापमान का हाल
तारीख वर्ष 2019 दिसंबर 2020
3 26-12 27-13
4 25-12 27-13
5 24-11 28-14
6 24-12 28-14
7 24-13 28-14
8 24-13 27-14
9 26-13 28-13
10 24-13 28-14
11 24-12 26-18