फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहम्मद साहब ने दूसरों की मदद करने की शिक्षा दी

विज्ञापन
बारावफात के मौके पर झलारों से सजाया गया अटाला मस्जिद। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व शुक्रवार को अकीदत और सादगी के साथ मनाया गया। मस्जिदों में सजावट जरूर हुई पर इस साल न तो शहर की सड़कों और गलियों में झालर लगे और न ही जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। फन सिपहगिरी के अखाड़े भी बाहर से नहीं आए। नबी की शान में लोगों ने घरों में रोशनी की और नात पढ़ी। घरों और मोहल्लों में नारा-ए-तकबीर, नारा-ए-रेसालत या रसूल अल्लाह के नारे गूंजते रहे। ऐतिहासिक अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, शाही मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों को रंग विरंगी झालरों से सजाया गया है। तीसरे पहर करीब तीन बजे शाही ईदगाह परिसर में कौमी यकजहती जलसे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन

मरकजी सीरत कमेटी के सदर जफर मसूद की अध्यक्षता में आयोजित यकजहती जलसे का आगाज शेरवाली मस्जिद के इमाम मौलाना कारी जिया ने चिलावत-ए-कलाम पाक से किया। वक्ताओं ने कहा कि मोहम्मद साहब ने आपसी भाईचारगी को कायम रखने का संदेश दिया है। मौलाना ने सीरत पर तकरीर की। कम्युनिस्ट नेता जयप्रकाश सिंह ने कहा कि मोहम्मद साहब ने इंसानियत को मुहब्बत से जिंदगी गुजारने की सलाह दी है। पूर्व विधायक अरशद खां, सपा नेता डा. केपी यादव, निखिलेश सिंह, राकेश श्रीवास्तव, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आमिर जमई, शकील अहमद, असलम शेर खां, हवीब आलम, मिर्जा दावर बेग ने संबोधित किया। इस मौके पर मरकजी सीरत कमेटी के नायब सदर शकील मंसूरी, कन्वीनर एवं पूर्व सभासद इरशाद मंसूरी, खजांची अजमत खान, मेहदी रजा, सेक्रेटरी हफीज शाह, विजय बागी, शोएब खां, सरफराज, अलमास, सहनवाज, मुख्तार मंसूरी, दुर्गापूजा महासमित के पूर्व अध्यक्ष मोती यादव आदि मौजूद थे। संचालन नेयात ताहिर शेखू ने किया। अंत में सदर जफर मसूद ने सभी के प्रति आभार जताया। बाद नमाज एशा अटाला मस्जिद में जलस-ए-सीरतुन्नबी (स.अ.व.) का आयोजन हुआ। मौलाना आफाक ने तकरीरी किया। अंत में मुल्क में अमनों अमान और कोरोना जैसी महामारी से दुनिया को मुक्त करने के लिए दुआ की गई।
हजरत सैय्यद मंसूर बाबा की मजार पर हुई चादरपोशी
सतहरिया। ईद मिलादुन्नबी पर मुंगराबादशाहपुर के सिपाह मोहल्ले में स्थित हजरत सैय्यद मंसूर बाबा के मजार पर जायरीनों ने चादरपोशी की। मस्जिद तकवा से जायरीनों ने चादर लेकर अपने कदीमी रास्ते से होते हुए बाबा के मजार पर पहुंचे। वहां अमन-चैन की दुआ की गई। मजार के खादिम मोहम्मद खालिद अंसारी ने कहा कि आज पैगंबर मुहम्मद साहब की धरती पर आमद का दिन है और इसी दिन रुख्सत हुए थे। उन्होंने लोगों को सच्चाई, भलाई, और भाईचारे की शिक्षा दी। मोहम्मद हनीफ, आफाक खान ,मो.खालिद अंसारी,विक्की गुप्ता , नवरत्न ,फारुख, सुवैब ,सोनू , राजेश, राशिद, बबलू, खुर्शीद आदि लोग मौजूद रहे। उधर, कस्बे मोहल्ला दर्जियान से जुलूस निकला गया, जो प्रमुख मार्ग से होते हुए मछली शहर मार्ग व चौराहे से होकर दर्जियाना मोहल्ले में पहुंचकर सम्पन्न हुआ। सौदागर राईन, परवेज, बकरीदी राईन, सदर रेयाज अहमद अंसारी, गयासुद्दीन, मो माशूक कुरेशी शामिल रहे।
विज्ञापन

नबी की शान में किया रक्तदान
जौनपुर। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मरकजी सीरत कमेटी की ओर से जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का शुभारंभ नासिर खान ने फीता काटकर किया। महासचिव हफीज शाह ने बताया कि आज पूरे संसार में हजरत मोहम्मद की विलादत का जश्न मनाया जा रहा है। 20 लोगों ने रक्तदान किया। गौरव सेठ, प्रदीप जायसवाल, उत्कर्ष सेठ, अफ्फान खान, गौतम सेठ, नितिन जायसवाल, मो. तालिब, मो. आसिम, मो. शाद सहित तमाम लोगों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर डा. अर्शी, अजमत अली, शाहनवाज खान, सद्दाम हुसैन, मोहम्मद आजम, उबैद अंसारी, साहिबे आलम, मो. शाद, मो. आसिम, अजवद कासमी, अजमत अली, अब्दुल हलीम सिद्दीकी, आजम केके आर्य, शहनवाज खान, शकील मंसूरी, दानिश इकबाल, कमालुद्दीन अंसारी, मो. शाकिब अहमद, मेराज अहमद, रमेश श्रीवास्तव, दिलीप सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। आयोजक हफीज शाह ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें