मढ़ी गांव में दीपावली की रात मनबढ़ों की पिटाई से घायल अनुसूचित जाति के युवक की शुक्रवार शाम बीएचयू के ट्राॅमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और शव लेकर थाने पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया। थाने पर शव रखकर प्रदर्शन किया। क्षेत्राधिकारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार किया।
23 दिन पूर्व दीपावली की रात लगभग नौ बजे मढ़ी गांव निवासी सूरज गौतम अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था। वह गांव की पुलिया पर पहुंचा था कि वहां पहले से मौजूद गांव के चार मनबढ़ युवकों प्रद्युम्न यादव, आशीष यादव, अजय यादव और अजय यादव ने सूरज को बिना किसी बात के जातिसूचक शब्दों से गाली देनी शुरू कर दी। विरोध करने पर चारों ने सूरज को जमकर लाठी-डंडे से पीटा। पिटाई से सूरज के सिर में गंभीर चोटें आईं। इससे वह बेहोश हो गया। आसपास के लोगों ने बीचबचाव कर परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने उसे पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। नेवढ़िया पुलिस ने मां जावित्री की तहरीर पर पुलिस ने एससीएसटी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों आशीष, अजय पुत्र सुभाष यादव और प्रद्युम्न यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चौथा आरोपी अजय यादव पुत्र चंद्रप्रकाश फरार चल रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। प्रदर्शन के दौरान परिजन किसी जिम्मेदार अधिकारी से बात करने की जिद पर अ़ड़े थे। वे मामले में कार्रवाई और सहयोग राशि की मांग कर रहे थे। सीओ मड़ियाहूं संजय वर्मा और सर्किल के सभी थानों की पुलिस, एक प्लाटून पीएससी भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद सीओ के समझाने बुझाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और शव को घर ले गए। थानाध्यक्ष नेवढ़िया अमित पांडेय ने बताया कि परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले गए हैं। मामले में कार्रवाई की जा रही है।