सपा की सात सदस्यीय टीम ने शनिवार को बडौना गांव में गत 19 अक्तूबर को पुलिस कस्टडी में हुई मटरू बिंद की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। टीम ने कहा कि मटरू की पुलिस अभिरक्षा में मौत एक साजिश है। इसकी जांच सीबीसीआईडी से कराई जाए। कहा, थाने में रस्सी कैसे आ सकती है और छह फीट पर बनी खिड़की से कैसे फंदा लगाया जा सकता है। सवाल उठाया कि पीड़ित परिवार को शव क्यों नहीं सुपुर्द किया गया। मामले की जानकारी डेलिगेशन टीम पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपेगी। संतकबीर नगर के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू बिंद ने कहा कि प्रदेश में व्यापारी भी परेशान हैं। दुर्भाग्य है कि पीड़ित की बेटी को अपने पिता का अंतिम संस्कार भी करने का मौका नहीं दिया गया। जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि मटरू बिंद की हत्या जांच का विषय है। पुलिस ने शव परिजनों को न साैंप कर जबर्दस्ती शव का अंतिम संस्कार करा दिया। दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाए। उसकी अनाथ लड़की को सरकारी नौकरी दी जाए। मौके पर पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, राजकुमार बिंद, महेंद्र यादव, रमापति यादव, जिला महासचिव आरिफ हबीब आदि रहे।