दुदौली गांव में नाबालिग प्रेमी युगल की मौत फांसी लगाने से ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात साफ होने अपर पुलिस आनरकिलिंग जैसी घटना से इनकार कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिया। जहां शव का अंतिन संस्कार कर दिया गया। किशोरी के शव को गांव की कब्रिस्तान में दफ्न कर दिया गया जबकि किशोर के शव का रामघाट पर दाह संस्कार कर दिया गया।
दुदौली गांव के संदीप चौहान (17) पुत्र स्व. जवाहरलाल और उसी गांव की नूरानी (14) पुत्री खलील का शव रविवार को सुबह गांव की कब्रिस्तान के निकट शीशम के पेड़ से फंदे पर लटकता पाया गया था। चर्चा है कि तीन माह पूर्व जब दोनों घर से भाग निकले थे। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लड़की के परिजन तो खामोश थे लेकिन लड़के के परिवार वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। परिवार के लोगों के अड़ियल रुख के आगे अपने मकसद में कामयाबी मिलती न देख दोनों ने मौत को गले लगा लिया।
घटना के बाद से पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही थी कि मामला आनरकिलिंग का भी हो सकता है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया कि फांसी के फंदे पर लटकने से ही दोनों की मौत हुई है। मोबाइल की काल डिटेल से भी पता चलता है कि संदीप ने नूरानी को रात में फोन कर के बुलाया था जहां दोनों ने एक ही साड़ी के फंदे पर एक साथ झूल गए।