तीन दिनों की हड़ताल के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण में लगे मजदूर काम पर लौट आए हैं। राजकीय निर्माण निगम की पहल पर टाटा प्रोजेक्ट्स व बालाजी कंपनी के अफसरों ने वार्ता के बाद गतिरोध दूर कर लिया है। मजदूरों का बकाया शीघ्र भुगतान करने का आश्वासन मिला है। करीब पांच सौ मजदूरों के साथ निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। ओपीडी भवन को अंतिम रूप देने में सबसे ज्यादा जोर है। लेक्चर थिएटर का निर्माण भी युद्धस्तर पर जारी है। एक-दो दिनों में मजदूरों की संख्या और बढ़ाने को कहा गया है।
सिद्दीकपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में अगस्त से ओपीडी का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इसके मद्देनजर जूनियर रेजिडेंट समेत 71 प्रोफेसरों की तैनाती की जा चुकी है। प्राचार्य प्रो. शिवकुमार अपनी निगरानी में काम को समय से पूरा कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। दैनिक प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। पिछले दिनों बकाया मजदूरी भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों ने काम ठप कर दिया था। तीन दिनों तक वह हड़ताल पर रहे। इससे कार्यदाई संस्था समेत जिम्मेदारों के माथे पर बल पड़ गए थे। राजकीय निर्माण निगम के अफसरों की पहल के बाद टाटा प्रोजेक्ट्स और बालाजी कंपनी के अधिकारियों ने बैठकर वार्ता की। मेडिकल कॉलेज का टेंडर टाटा प्रोजेक्ट्स को मिला है। बालाजी कंपनी मैन पावर सहित अन्य संसाधन मुहैया करा रही है। दोनों कंपनियों के अधिकारियों की वार्ता के बाद काम फिर शुरू हो गया है। मंगलवार को ओपीडी भवन में फिनिशिंग व रंगाई का काम जारी रहा। लेक्चर थिएटर, लाइब्रेरी व प्रशासनिक भवन में मजदूर काम करते रहे। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनी को तय समय में काम हर हाल में पूरा करने को कहा गया है। अभी पांच सौ मजदूर लगे हैं। जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।