उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) के परिणाम शुक्रवार की शाम को जारी हुए तो जिले की बेटियों के भी परचम लहराने की जानकारी हुई। यहां किसान और दुकानदार की बेटियों ने सफलता हासिल की। बेटियों की सफलता से गदगद लोगों ने बधाई दी। बदलापुर क्षेत्र के ग्राम सीड निवासी किसान हरिश्चंद्र यादव की पुत्री रश्मि यादव अपनी मेहनत के दम पर एसडीएम के पद पर चयनित हुई हैं। उनके चयनित होने की खबर मिलते ही परिजनों सहित गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनी कामयाबी के पीछे वह अपने मामा का श्रेय मान रही हैं। रश्मि की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट हरिहर सिंह पब्लिक स्कूल जौनपुर से तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की हैं। माता संगीता यादव एएनएम के पद पर कार्यरत हैं। रश्मि अपने मामा धीरेंद्र यादव निवासी पोखरिया लाला बाजार सिकरारा जो एडीएम फतेहपुर हैं उनके सानिध्य में प्रयागराज में रहकर पीसीएस की तैयारी कर रही थी। बड़ा भाई नवनीत यादव तथा छोटा भाई अवनीश भी प्रयागराज में तैयारी कर रहे हैं हैं। वह तीन दिन पूर्व आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर ज्वाइन की हैं। रश्मि के एसडीएम पद पर चयनित होने की खबर पर माता संगीता यादव तथा पिता हरिश्चंद्र यादव गदगद हैं। महाराजगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमापति यादव, ग्राम प्रधान नीलम यादव तथा देवेंद्र यादव आदि लोगों ने उन्हें बधाई दी।
इसी तरह प्राथमिक विद्यालय करंजाकला में तैनात शिक्षिका संस्कृति गुप्ता निवासी सुक्खीपुर ने भी पीसीएस परीक्षा पास की है। उन्हें खादी ग्रामोद्योग में प्रबंधक पद मिला है। उनके पिता हरिश्चंद्र गुप्ता बर्तन की दुकान संचालित करते हैं। मां अनीता गुप्ता सिलाई का स्कूल चलाती हैं। दो बहनों में छोटी संस्कृति 2018 में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई थीं। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने उन्हें बधाई दी। उधर, प्रदेश में दूसरा स्थान लाने वाली क्षेत्र की बेटी प्रतीक्षा पाण्डेय के पैतृक गांव अरसिया डिहवा में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग एक दूसरे को बधाई देते नजर आए। प्रतीक्षा अपने माता-पिता के साथ लखनऊ में रहकर बीटेक तक की शिक्षा ग्रहण की हैं। वह अपनी माता पिता की तीसरी संतान हैं। बड़ी बहन और बड़ा भाई भी इंजीनियर हैं। पिता इं. प्रभु नारायण पाण्डेय और माता आरती पाण्डेय के साथ ही उन्होंने बड़े पिता पूर्व शिक्षक संतोषी पाण्डेय, चाचा अनिरुद्ध पाण्डेय और गुरुजनों को सफलता का श्रेय दिया है। उन्होंने क्षेत्र की बेटियों के लिए सफलता का मूलमंत्र कड़ी मेहनत बताया।