वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान मेें शुक्रवार के काउंसलिंग जरिए दो वर्षीय डी फार्मा पाठ्यक्रम की सीटें भरी गई। इंजीनियरिंग संस्थान के विशेश्वरैया हाल में काउंसलिंग के बाद विद्यार्थियों ने ऑनलाइन फीस भी जमा कर दिया है। काउंसलिंग सुबह 10 बजे से शुरू हुई।
फार्मेसी संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि इस डिप्लोमा प्रोग्राम का उद्देश्य फार्मेसी के लगातार बढ़ते क्षेत्र का मूलभूत ज्ञान प्रदान करना है। इस कोर्स की अवधि दो साल है। इसके अंतर्गत छात्रों को विभिन्न फार्मास्युटिकल दवाओं के निर्माण के पीछे की बुनियादी प्रक्रियाओं के बारे में जानने को मिलता है। डी. फार्मेसी चिकित्सा प्रबंधन के कई सिद्धांतों को भी शामिल करता है और फार्मास्यूटिक्स, फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी आदि जैसे विषयों की एक गहन समझ प्रदान करता है। असिस्टेंट प्रो. आलोक दास ने कहा कि डी-फार्मा की सभी 66 सीट पर काउंसलिंग हो गई है। काउंसलिंग में डॉ पूजा सक्सेना, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विजय प्रकाश मौर्य ने विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र की जांच की। काउंसलिंग कराने लगभग 200 विद्यार्थी शामिल हुए।