गिरफ्तार किए गए ठगों के साथ पुलिस संवाद
जौनपुर। पेट्रोल पंप के मैनेजर का व्हाट्सएप हैक कर चैटिंग के जरिये 75 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों विनोद कुमार मिश्रा, कमल यादव और लवकेश कुमार सिंह को जौनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल तीन एंड्रायड मोबाइल फोन, नेपाली मोबाइल नंबर और एक चेकबुक बरामद हुई है। इस शिकायत के बाद पुलिस ने 72 घंटे के भीतर विभिन्न बैंक खातों में साइबर ठगी के करीब 1.55 करोड़ रुपये होल्ड कराए हैं। आरोपियों के बैंक खातों से उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बिहार में साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगाता था। इसके बाद रकम दूसरे खातों में भेज दी जाती थी। मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में आठ अक्तूबर को 75 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत मिली थी। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पता चला कि साइबर अपराधियों ने शिकायतकर्ता के मैनेजर का व्हाट्सएप हैक कर चैटिंग के माध्यम से दो बैंक खातों में रुपये मंगाए थे। पहले खाते में 45 लाख और दूसरे खाते में 30 लाख रुपये भेजे गए थे। पुलिस ने दोनों खातों का विवरण जुटाया तो पहला खाता समाज कल्याण एवं ग्रामीण विकास संस्थान नामक गैर सरकारी संगठन के नाम से है। इसके अध्यक्ष विनोद मिश्रा, सदस्य कमल यादव व अन्य हैं। दूसरा लखदातार इंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज मिला। जांच में पता चला कि पहले खाते में सात अक्तूबर को करीब 1.53 करोड़ और दूसरे खाते 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम आई थी। दोनों खातों की जांच में कुल 1.83 करोड़ रुपये की ठगी की रकम मिली। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर छह शिकायतें भी दर्ज मिलीं।