उदयचन्दपुर घाट पर भगवानलाल की अंत्येष्ठि के पूर्व गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सीआरपीएफ जवान। संवाद
चंदवक। सीआरपीएफ में एससी कुक के पद पर तैनात भगवान लाल (54) की इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह उनका शव उमरवार (कदमापर) गांव स्थित उनके पैतृक घर लाया गया। शव पहुंचते गांव का माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़े बेटे रंजीत ने बताया कि उनके पिता भगवान लाल बीते चार साल से झारखंड के लोहरदगा में तैनात थे। 12 अगस्त को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार चल रहा था। बुधवार की शाम करीब पौने छह बजे इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार तिवारी सहित सात जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर साथी जवान को अंतिम विदाई दी। बड़े बेटे रंजीत कुमार ने मुखाग्नि दी। शहीद भगवान लाल 1994 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे। उनके बेटे ने बताया कि अभी उनकी दो वर्ष का सेवाकाल बाकी था। परिवार में उनकी पत्नी मीनाक्षी और दो बेटे रंजीत और आदर्श और बेटी पूजा हैं।