धर्मापुर ब्लॉक क्षेत्र के बघंद्रा गांव में जज सिंह अन्ना के नेतृत्व में खेत में लेटकर प्रदर्शन
धर्मापुर। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की संवेदनहीनता के खिलाफ बघंद्रा दशरथा गांव के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। हाई वोल्टेज बिजली के तार बिछाने के नाम पर विभाग द्वारा भारी मशीनों और ट्रैक्टरों से लहलहाती फसलों को रौंदा जा रहा है। अपनी मेहनत को मिट्टी में मिलता देख आक्रोशित महिलाएं और पुरुष बृहस्पतिवार को अपनी ही फसल पर लेट गए और काम का विरोध किया।सामाजिक कार्यकर्ता जज सिंह अन्ना के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने न तो कोई पूर्व सूचना दी और न ही मुआवजे की बात की। सबसे ज्यादा संकट उन गरीब किसानों पर है जिन्होंने अधिया (बटाई) पर जमीन लेकर खून-पसीने से फसल उगाई थी। किसानों का कहना है कि यह काम गर्मी में भी हो सकता था जब खेत खाली रहते हैं, लेकिन अधिकारियों ने फसल कटने तक का इंतजार करना भी मुनासिब नहीं समझा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी आजीविका बचाने का प्रयास किया तो विभाग ने पुलिस बुलाकर उन्हें डराया-धमकाया। किसानों का कहना है कि 28 फरवरी को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सूचित किया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस के साये में जबरन फसलों को रौंदते हुए तार खींचे जा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल इंदु यादव, धनपत्ती और अमरावती जैसी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मेहनत को इसी तरह बर्बाद किया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगी। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने का मतलब है पूरे परिवार का भूखों मरना। इस मौके पर संजय यादव, सत्यम यादव, राजपत यादव और विकास विश्वकर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण अपनी आजीविका बचाने की जंग में शामिल रहे।