फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो दशक बाद गरजी कारबाइन

Tue, 24 May 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
विज्ञापन
चंदवक के तराव मोड़ के पास सिपाही और हिस्ट्रीशीटर की हत्या के बाद सड़क जाम करते ग्रामीण।
विज्ञापन
1992 में रामपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में पहली बार एके 47 गरजी थी। यह अलग बात है कि पुलिस ने अत्याधुनिक असलहे के नाम पर इस तथ्य को छिपा लिया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी। जिसका आरोप मुन्ना बजरंगी पर लगा था।
विज्ञापन


उस घटना के करीब 24 साल बाद चंदवक क्षेत्र में फिर कारबाइन की गूंज सुनाई पड़ी है। पुलिस इस बार भी तथ्यों पर पर्दा डालने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जो 15 -20 खोखे मौके से मिले हैं वह पिस्टल के हैं। लेकिन कारबाइन में भी यही गोलियां लगती हैं।

जिस तरीके से 40 से अधिक राउंड फायरिंग हुई है उससे अत्याधुनिक असलहों के ही प्रयोग की संभावना को बल मिल रहा है। बदमाश बाइक और स्कार्पियो से थे। पूरी योजना उन्होंने तैयार पहले से कर रखी थी। यही कारण है कि बदमाश वारदात के बाद दो मिनट तक वहां मौजूद रहे।
विज्ञापन


दोहरे हत्याकांड के आरोपी केडी सिंह वैसे तो शातिर है। लेकिन इलाके में इस तरह की पहली घटना में उसका नाम आया है। उधर,  चंदवक के तराव मोड़ के पास दोहरे हत्याकांड के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। मौके पर आसपास के गांवों के जुटे भारी संख्या में जाम लगा दिया।

पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्‍न हो गया। क्षेत्र की दूकानें धड़ाधड़ बंद होने लगीं। घटना की सूचना पर कई थानों के एसओ और दो कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई। पूरा कस्बा छावनी में तब्दिल हो गया। मौके पर जुटा हर कोई घटना को ब्लॉक प्रमुख के चुनाव से जोड़कर चर्चा करता रहा। लेकिन भय के मारे कोई भी केडी सिंह का नाम नहीं ले रहा था। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक बदमाश दोनों हाथ में पिस्टल लेकर फायरिंग कर रहा था।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें