जफराबाद विधानसभा क्षेत्र के सपा कार्यकर्त्ताओं के बूथ स्तरीय सम्मेलन में गुरुवार को विधायक एवं एक सपा नेता के गुट में धक्कामुक्की एवं मारपीट हो गई। इस दौरान दोनों गुटों ने एक दूसरे पर कुर्सियां एवं पत्थर फेंके और नारेबाजी की। इस दौरान भगदड़ मच गई। वरिष्ठ नेता भी इधर उधर छिपने लगे।
बाद में सपा के प्रदेश नेताओं ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। सिरकोनी ब्लाक के हौज ग्राम के डीएवी स्कूल पर बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन चल रहा था । जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव श्याम लाल पाल व अब्दुल सलमान मंचासीन थे।
कार्यकर्ताओं को क्षेत्रीय विधायक शचीन्द्र नाथ त्रिपाठी संबोधित कर रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। इसी दौरान एक सपा नेता अपने कुछ समर्थकों के साथ पहुंचें। और विधायक शचीन्द्र नाथ त्रिपाठी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। उनके समर्थकों के हाथों में कुछ तख्तियां थीं।
जिस पर चाचा-भतीजे के खेल में जफराबाद पांच साल से बेहाल जैसे स्लोगन लिखा था। पहले से वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने जब इसका विरोध किया तो विवाद की स्थिति हो गयी और धक्का मुक्की के बाद दोनों गुटों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में जमकर दोनों गुटों ने एक दूसरे पर कुर्सियां चलाई।
मारपीट एवं गहमा गहमी की स्थिति को देख सैकड़ों कार्यकर्ता मारे डर के पंडाल से भाग कर दूर जाकर खड़े हो गये। माहौल बड़ा ही संवेदनशील हो गया। किसी को कुछ समझ नही आया कि मामला क्या है। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
काफी मशक्कत के बाद लगभग एक घंटे में जब मामला शांत हुआ तो पता चला कि सारा खेल तो विधान सभा के टिकट को लेकर है। फिलहाल मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव श्याम लाल पाल व अब्दुल सलमान ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कार्यकर्ताओं को पुन: किसी तरह इकठ्ठा किया।
उन्होंने कहा कि अनुशासन हीनता बरतने वालों को पार्टी से बाहर किया जाएगा। उधर, जफराबाद से विधानसभा का टिकट मांग रहे रत्नाकर चौबे का कहना है कि जैसे ही मै सम्मेलन में पहुंचा विधायक के समर्थक मेरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी बात को लेकर झड़प हुई। प्रदेश नेताओं को पूरे मामले की जांच कर लेनी चाहिए।